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करीब दो साल बाद भारतीय सेना द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर (POK) में आतंकियों के ठिकानों को सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए खत्म करने का वीडियो जारी हुआ है। सितंबर 2016 का ये वीडियो कुछ न्यूज चैलनों पर प्रसारित हुआ।

सर्जिकल स्ट्राइक के 636 दिनों के बाद अब एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें साफ देखा जा सकता है कि सेना ने आंतकियों के बंकरों को तबाह करने के अलावा कुछ को मौत के घाट भी उतार दिया। टीवी चैनलों का दावा है, वीडियो को उन्होंने ऑफिशियल सोर्स से हासिल किया है।

इस वीडियो को मानव रहित ड्रोन से बनाया गया। ड्रोन में थर्मल इमेजिंग (TI) कैमरों का इस्तेमाल किया गया। वीडियो के सामने आने के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर सेना के शौर्य, बलिदान, पराक्रम और साहस का इस्तेमाल राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए करने का आरोप लगाया है।

सुरजेवाला ने कहा कि पहले की सरकारों के दौरान भी सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक और इस तरह की कार्रवाइयों को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि अटल और मनमोहन सरकार के दौरान भी ऐसी कार्रवाइयां हुईं, लेकिन सेना के पराक्रम का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल की इस तरह की बेशर्म कोशिश कभी नहीं की गई।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मोदी और शाह पर जब-जब फेल होने का खतरा मंडराता है तो वे सेना की बहादुरी का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल की बेशर्म कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि यूपी चुनाव में बीजेपी ने सर्जिकल स्ट्राइक का लज्जाजनक तौर पर राजनीतिक इस्तेमाल किया गया। बैनर-पोस्टर लगाकर सर्जिकल स्ट्राइक का पूरा श्रेय सेना के बजाय बीजेपी और मोदी को दे दिया।

उन्होंने कहा, ‘बीजेपी सरकार ने हर परंपरा और परिपाटी तोड़ दी है….अमित शाह ने तो हद ही कर दी…7 अक्टूबर 2016 को यहां तक कह डाला कि 68 सालों में सेना पहली बार एलओसी पार गई है और उन्होंने यह भी कहा कि वह इसका राजनीतिक फायदा उठाएंगे।’ सुरजेवाला ने कहा कि शहीद हेमराज की पत्नी समेत कई शहीदों की पत्नियों ने अपील किया था कि शहीदों की शहादत का राजनीतिक फायदा उठाने के लिए इस्तेमाल न किया जाए, लेकिन उनकी अपील को दरकिनार किया गया।

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