डॉ कफील खान का वीडियो वायरल – ‘पुलिस मेरा एनकाउंटर कर यह न बता दे कि मैं भाग रहा था’

पिछले साल 12 दिसंबर को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दिये गए भाषण को लेकर जेल में बंद गोरखपुर के डॉ. कफील खान का एक वीडियो सोशल मीडिया में बड़े पैमाने पर वायरल हो रहा है। Video में उन्होने अपनी ह’त्या की आशंका जताई है।

Video में डॉ कफील खान कह रहे है कि ‘मेरे परिवार को डर है कि पुलिस मुझे एनकाउंटर में या यह बताकर ना मार दे कि मैं भाग रहा था। या ऐसा दिखाया जाएगा कि मैंने आत्महत्या कर ली।’ वीडियो में डॉक्टर कफील आगे कहते हैं, ‘अपनी आखिरी वीडियो में एक बात जरूर करना चाहूंगा कि मैं इतना बुजदिल नहीं हूं कि सुसाइड कर लूंगा। मैं कभी आत्महत्या नहीं करूंगा। मैं यहां से भागने वाला भी नहीं हूं जो ये (पुलिस) मुझे मार दें।’

दूसरी और बहुजन समाज पार्टी के नेता एवं सांसद कुंवर दानिश अली डॉ. कफील खान को रिहा करने की मांग की है।अमरोहा से लोकसभा सांसद कुंवर दानिश अली ने ट्वीट कर मथुरा जेल में बंद डॉ. खान को रिहा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार विकास दुबे जैसे खूंखार अपराधियों पर नरमी दिखा रही है, जबकि बच्चों की जान बचाने वाले डॉक्टर को जेल में बंद कर रखा है।

इससे पहले कफील खान का चार पन्नों का एक पत्र भी सामने आया था जिसमें उन्होंने मथुरा जेल की ‘नारकीय’ स्थिति के बारे में बताया। उन्होंने दावा किया था कि लगभग 150 कैदी एक ही शौचालय साझा कर रहे हैं। हालांकि जेल के वरिष्ठ अधीक्षक शैलेंद्र मैत्री ने पत्र की सत्यता पर सवाल उठाया। उन्होंने डॉक्टर कफील द्वारा कोई भी पत्र लिखे जाने से इनकार किया। मैत्री ने कहा कि हम सभी आउटगोइंग मेल को स्क्रीन करते हैं।

दूसरी तरफ पत्र में कफील खान ने अपनी नजर बंदी के अलावा लगातार बिजली कटौती पर सवाल उठाए हैं। मामले में कफील के भाई अदील अहमद खान ने कहा कि यह पत्र 15 जून को कफील द्वारा लिखा गया था, जो 1 जुलाई से पोस्ट के माध्यम से परिवार तक पहुंच गया।

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