अहमदाबाद के मिर्ज़ापुर सिविल कोर्ट ने न्यूज़ वेबसाइट ‘द वायर’ की और से बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी के टर्न ओवर में एक साल के अन्दर 16 हजार गुणा वृद्धि को लेकर प्रकाशित खबर पर लगाई गई आंशिक अंतरिम रोक (ex parte interim injunction) हटा दी है.

अदालत ने अपने आदेश में कहा ‘वादी द्वारा दायर मुक़दमे में इस रिपोर्ट में शामिल रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनीज़ से लिए गये किसी भी तथ्य को न नकारा गया है न ही उस पर कोई सवाल किया गया है, न ही इस रिपोर्ट में बताये गये किसी डाटा पर कोई आपत्ति की गयी है. वादी ने ऐसा भी नहीं कहा है कि लिए गये इस डाटा को भ्रामक तरह से दिखाया गया है या प्रतिवादी द्वारा इसको गलत तरह से रखा गया है, जिससे वादी की कंपनी की कोई गलत छवि बने.’

मिर्ज़ापुर (अहमदाबाद) सिविल कोर्ट द्वारा 12 अक्टूबर को जारी किया गया आदेश
मिर्ज़ापुर (अहमदाबाद) सिविल कोर्ट द्वारा 12 अक्टूबर को जारी किया गया आदेश

ध्यान रहे 12 अक्टूबर को कोर्ट ने इस रिपोर्ट पर किसी भी तरह के मीडिया माध्यम में प्रकाशित/पुनः प्रकाशित, चर्चा, साक्षात्कार आदि न करने का आदेश दिया था. जिसके बाद द वायर  द्वारा इस आदेश को प्रेस की आज़ादी पर लगाया गया असंवैधानिक प्रतिबंध बताते हुए चुनौती दी गयी थी.

23 दिसंबर को अपने पूर्ववर्ती आदेशों को करीब-करीब दरकिनार करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया है कि कोर्ट द्वारा लगाई गयी यह रोक केवल एक लाइन ‘नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने/प्रधानमंत्री चुने गये’ तक ही सीमित रहेगी. सरल अर्थों में कहें तो द वायर  की इस रिपोर्ट के संबंध में इन शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.

हालांकि द वायर  इस मूल रिपोर्ट के साथ-साथ जय शाह के कारोबार, सार्वजनिक गतिविधियों आदि के बारे में लिखने/रिपोर्ट करने के लिए स्वतंत्र है.

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