उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने बीफ को लेकर एक बार फिर विवादित बयान दिया है. जिससे बवाल मच सकता है. नायडू ने बीफ फेस्टिवल करने पर सवाल उठाया है.

मुंबई के आरए पोद्दार कॉलेज ऑफ कॉमर्स ऐंड इकॉनमिक्स के प्लैटिनम जुबली प्रोग्राम में शिरकत करने पहुंचे नायडू ने कहा कि अगर आपको बीफ खाना है तो खाइए, इसके लिए फेस्टिवल मनाने की क्या जरूरत है. अगर आपको किस करना है तो करिए लेकिन फेस्टिवल आयोजित करने या किसी की इजाजत लेने की क्या जरूरत है.

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इस दौरान उन्होंने अफजल गुरु का भी जिक्र किया और कहा कि लोग अफजल गुरु का नाम जपते रहते हैं, जबकि उसने हमारी संसद पर हमला करने की कोशिश की थी. समझ नहीं आता आखिर यह क्या हो रहा है.

उन्होंने कहा, ”अब अफजल गुरु का कौन सा काम अधूरा रह गया था? उसने तो संसद को उड़ाने का सोचा था. तब अटल जी, आडवाणी जी हम लोग सब बच गए थे. अब संसद उड़ाने का काम ही अधूरा रह गया था.. मतलब सब लोगों को मारने का काम. ये लोग आजादी के नाम पर कैसी कैसी बात करते हैं. कहते हैं कि सर ये आजाद भारत है, हमारी आजादी हैं. हां, हम आजाद है लेकिन आजादी के साथ साथ कुछ पाबंदियां और बंदिशे भी है. इसका मतलब ये नहीं कि कुछ भी करेंगे.”

नायडू ने कहा, देश में 740 यूनिवर्सिटी हैं जिसमें 730 यूनिवर्सिटी शांतिपूर्वक रहती हैं. लेकिन 7,8 यूनिवर्सिटी हैं जो अक्सर बेवजह के विवादों में उलझी रहती हैं और खबरों में रहती हैं. कुछ जगह बीफ फेस्टिवल मनाते हैं.

इससे पहले केंद्र में मंत्री रहने के दौरान उन्होंने कहा था कि वह खुद भी मांसाहारी हैं और सबको अपनी पसंद का भोजन करने का हक है. उन्होंने कहा था, ‘मैं मांसाहारी हूं. मुझे कभी भी किसी ने भी कुछ भी खाने से नहीं रोका है. भोजन व्यक्तिगत पसंद की चीज है.’

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