आम तौर पर प्रश्नकाल के दौरान राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नौक-झोंक देखने को मिलती हैं. लेकिन सोमवार को विचित्र स्थिति देखने को मिली जब न तो सवाल पूछने वाले सांसद मौजूद थे और नहीं जवाब देने वाले सबंधित विभाग के मंत्री. इस पर उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की.

हाउस में सोमवार को प्रश्न संख्या 187 तक सवाल- जवाब का सिलसिला चला रहा. लेकिन सभापति ने अगला प्रश्न :संख्या 188: पूछने का आदेश दिया तो सदन में न तो संबंधित मंत्री मौजूद थे और न ही वह सदस्य मौजूद थे जिनका प्रश्न था. इस पर उपराष्ट्रपति ने टिप्पणी की- ‘यह असाधारण स्थिति है.

इसके बाद अंसारी ने अगला सवाल प्रश्न संख्या 189, 190,  पूछने को कहा जो पर्यावरण मंत्राालय से जुड़ा था. लेकिन इस बार भी सवाल का जवाब देने के लिए सरकार की ओर से कोई मंत्राी मौजूद नहीं था. इस पर पूर्व मंत्री जयराम रमेश ने कहा, ‘सर कोई कैबिनेट मिनिस्टर मौजूद नहीं है.’

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इस पर अंसारी ने कहा कि यह अच्छी बात नहीं है, न सवाल पूछऩे वाले हैं न जवाब देने वाले. इसके बाद विपक्ष हमलावर हो गया. टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर राय ने कहा कि सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास होना चाहिए. वहीँ नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने टिप्पणी की- यह ‘मैक्सिमम मिनिस्टर्स मिनिमम गवर्नेंस’ है.

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