VHP नेता का भड़काऊ बयान – बाबरी का ढांचा नहीं बचा तो…..

11:45 am Published by:-Hindi News
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मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक वरिष्ठ नेता ने  भड़काऊ बयान दिया है। प्रशासन की और से आगर शहर में सशस्त्र जुलूस की अनुमति नहीं मिलने को लेकर ये बयान दिया।

विहिप के प्रांत मंत्री नंदकिशोर उपाध्याय ने शनिवार को बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं की को कहा कि हिंदुओं को एक ऐसे समुदाय के रूप में पाला जाता है, जो कि एकजुट नहीं हो सकते है और अपनी ताकत नहीं दिखा सकते। लेकिन उन्होंने रामजन्मभूमि जाकर बाबरी ढांचे को ध्वस्त कर दिया। यदि उस ढांचे को ध्वस्त कर दिया गया है, तो क्या आगार का स्ट्रक्चर सुरक्षित है? वो भी गिरेगा, हम आगर को गिरएंगे।

जिला प्रशासन ने जुलूस के आयोजकों को एक बड़ी रैली आयोजित न करने और सीआरपीसी की धारा 144 के मद्देनजर हथियार न उठाने के लिए कहा था। 1 सितंबर को आयोजकों ने प्रशासन को बताया कि रैली में 3,000 लोग शामिल होंगे और हथियार प्रदर्शित करेंगे। प्रशासन ने कम लोगों के लिए अनुमति दी लेकिन हथियार ले जाने की अनुमति से इनकार कर दिया।

हालांकि, इस आदेश की अवहेलना करते हुए, कई कार्यकर्ताओं ने खुले तौर पर हथियार चलाए, हालांकि प्रतिभागियों की संख्या 1,000 से कम थी। जब द इंडियन एक्सप्रेस ने टिप्पणी मांगी, तो उपाध्याय ने कहा कि स्ट्रक्चर से उनका मतलब “सिस्टम” था। कमलनाथ सरकार पर हिंदुओं के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “प्रशासन हमें इस कार्यक्रम को आयोजित नहीं करने दे रहा था। वे शास्त्र पूजा को रद्द करने का दबाव डाल रहे थे, लेकिन यह एक परंपरा है।”

कलेक्टर संजय कुमार ने कहा कि उन्हें उपाध्याय द्वारा दी गई धम्की के बारे में नहीं पता था। उन्होंने अभी तक उपाध्याय द्वारा दिए गए भाषण का वीडियो नहीं देखा है। कलेक्टर ने कहा कि केवल एक पारंपरिक जुलूस के लिए अनुमति दी गई थी, हथियारों के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि प्रशासन मामले की जांच कर रहा है, लेकिन किसी के खिलाफ अब तक कोई शिकायत या कार्रवाई नहीं हुई है। आगर मालवा एसपी सविता सोहाने ने स्वीकार किया कि जुलूस में शामिल लोगों ने हथियार चलाए, हालांकि प्रतिभागियों की संख्या कम थी।

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