Saturday, December 4, 2021

‘गौहत्या’ करने वाले अख़लाक़ को 50 लाख का मुआवज़ा तो ‘देशभक्त’ चंदन गुप्ता को क्यों नही- विश्व हिंदू परिषद

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आगरा । गणतंत्र दिवस के दिन कासगंज में हुई साम्प्रदायिक हिंसा में चंदन गुप्ता नामक व्यक्ति की मौत हो गयी। प्रदेश की योगी सरकार ने मृतक चंदन के परिजनो को 20 लाख का मुआवज़ा दिया है। हालाँकि चंदन के परिजन उसे शहीद का दर्जा देने की माँग पर अड़े हुए है। जबकि विश्व हिंदू परिषद समेत कई अन्य हिंदू संगठन चंदन को 50 लाख का मुआवज़ा और शहीद का दर्जा देने की माँग कर रहे है।

बुधवार को विहिप और बजरंग दल समेत कई हिंदू वादी संगठनो ने उत्तर प्रदेश के 20 जिलो में तिरंगा यात्रा निकाली। इस दौरान विहिप कार्यकर्ताओं के हाथो में भगवा झंडे के अलावा चंदन को शहीद प्रदर्शित कर रहे कई बैनर भी देखे गए। तिरंगा यात्रा के बाद विहिप नेताओ ने आगरा के ज़िलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा और अपनी माँगे उनके सामने रखी। विहिप ने इस ज्ञापन में चंदन को 50 लाख रुपए मुआवज़ा देने की माँग की है।

ज्ञापन में लिखा है की जब एक गौ हत्यारे अख़लाक़ को 50 लाख का मुआवज़ा दिया जा सकता है तो एक देश भक्त चंदन गुप्ता को क्यों नही? इसके अलावा चंदन को शहीद का दर्जा देने की भी माँग की गयी है। बता दे की मंगलवार को कासगंज के भाजपा विधायक ने भी कुछ इसी तरह का बयान दिया था। इसके बाद से विहिप समेत कई अन्य संगठन यह माँग कर रहे है। हालाँकि इस माँग को लेकर सरकार की तरफ़ से कोई भी प्रतिक्रिया नही आयी है।

मालूम हो कि 2015 में दादरी के बिसेहडा गाँव में बीफ़ रखने के शक में अख़लाक़ नामक व्यक्ति की भीड़ ने पीट पीट कर हत्या कर दी थी। उस समय यह मामला बेहद सुर्ख़ियो में रहा था जिसके बाद तत्कालीन अखिलेश सरकार ने अख़लाक़ के परिजनो को 50 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया था। फ़िलहाल कासगंज हिंसा के आरोपियों की धरपकड़ जारी है। मृतक चंदन की हत्या के आरोपी सलीम को बुधवार को गिरफ़्तार कर लिया गया। हालाँकि सलीम के दो भाई अभी पुलिस की गिरफ़्त से बाहर है। इस मामले में अभी तक 110 लोगों की गिरफ़्तारियाँ हो चुकी है।

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