Friday, August 6, 2021

 

 

 

कांग्रेस सेवादल की किताब में दावा – सावरकर और गोडसे में थे था समलैंगिक संबंध

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भोपाल: मध्य प्रदेश में कांग्रेस सेवादल (Congress Seva Dal) की ओर से बांटी गई एक किताब में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे और हिंदू महासभा के नेता वीर सावरकर के शारीरिक संबंध होने का दावा किया गया है।

डॉमिनिक लैपिएर और लैरी कॉलिन की किताब ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ का जिक्र करते हुए ‘वीर सावरकर कितने वीर’ नामक किताब में दावा किया गया कि ‘ब्रह्मचर्य धारण करने से पहले, नाथूराम गोडसे के एक ही शारीरिक संबंध का ब्यौरा मिलता है। यह समलैंगिक संबंध थे। उनका पार्टनर था उनका राजनैतिक गुरू वीर सावरकर।’ सावरकर अल्पसंख्यक महिलाओं से बलात्कार करने के लिए लोगों को उकसाते थे।’

किताब में लिखा है, ‘सावरकर जब 12 साल के थे तब उन्होंने मस्जिद पर पत्थर फेंके थे और वहां की टाइल्स तोड़ दी थी।’ किताब के 14वें पन्ने पर सवाल है, ‘क्या सावरकर ने हिंदुओं को अल्पसंख्यक महिलाओं से बलात्कार करने के लिए प्रोत्साहित किया?’ इसके जवाब में लिखा है, ‘यह सही है। सावरकर ने बलात्कार को एक न्यायसंगत राजनैतिक हथियार बताया था।

अपनी पुस्तक ‘सिक्स ग्लोरियस एपोक्स ऑफ इंडियन हिस्ट्री’ में जानवरों की व्यावहारिक प्रवृत्ति को जोड़ते हुए सावरकर ने व्याख्या की कि कैसे हर जानवर अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए अपनी आबादी बढ़ाना चाहता है। यहां तक कि रावण और सीता के बारे में वे कहते हैं कि शत्रु की महिला को अगवा करने और उससे बलात्कार करने को तुम अधर्म कहते हो? ये तो परोधर्म है। महानतम कर्तव्य। उनके अनुसार हिंदुओं के विरुद्ध मुस्लिम महिलाएं इसलिए भाग लेती हैं क्योंकि उन्हें हिन्दू पुरुषों से इसके लिए बदला लिए जाने का डर नहीं होता है। जो कि इस विकृत सोच से ग्रस्त हैं कि महिलाओं को शिष्टाचार और सम्मान देना चाहिए।’

किताब में लिखी बातों को लेकर बीजेपी ने कड़ा विरोध जताया है। बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने कहा, ‘महिलाओं को तंदूर में जलाने वाली कांग्रेस से और क्या उम्मीद की जा सकती है। कांग्रेस सिर्फ सोनिया गांधी के हाथों की कठपुतली बनकर रह गई है, इसलिए ऐसी बातें करती है क्योंकि उसे इस बात का डर है कि देश में कश्मीर, अयोध्या और ट्रिपल तलाक पर इतने बड़े फैसले हुए लेकिन एक दंगा नहीं हुआ। इसलिए जान-बूझकर मुस्लिमों का वोट लेने के लिए कांग्रेस ऐसा करती है।’

वहीं बुकलेट में छपे तथ्यों पर विवाद बढ़ने के बाद सेवा दल के लालजी देसाई ने कहा कि ‘लेखक ने जो भी बातें लिखी वह तथ्यों और सबूतों के आधार पर लिखी होगी। लेकिन हमारे लिए यह महत्वपूर्ण नहीं है। आज हमारे देश में सभी को अपनी प्राथमिकताओं को चुनने का पूर्ण कानूनी अधिकार है।’ हालांकि इस दावे पर विवाद खड़ा हो गया है बीजेपी ने इसपर कड़ी आपत्ति दर्ज की है। मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और विधायक नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है।

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