जयपुर | देश के वो सभी राज्य जहाँ बीजेपी की सरकार है वहां गौरक्षक बेलगाम होकर घूम रहे है. न ही कानून और न ही सरकार , इन लोगो पर लगाम लगाने की कोशिश कर रहे है. अपने आप को गौरक्षक बताने वाले ये लोग गौरक्षा के नाम पर खुले आम गुंडागर्दी करते है लेकिन कानून हाथ पर हाथ धरे बैठा रहता है. शायद उसकी भी कोई मजबूरी हो, ऊपर से आदेश आये हो.

एक ऐसा ही मामला 1 अप्रैल को राजस्थान के अलवर में हुआ था. यहाँ पहलु खान नामक एक व्यक्ति को कथित गौरक्षको ने इतनी बेरहमी से पीटा की उसकी दो दिन बाद अस्पताल में मौत हो गयी. इस मामले में पहलु खान के बेटे अभी तक इन्साफ मिलने का इन्तजार कर रहे है. करीब 25 दिन गुजर जाने के बाद मुख्य आरोपी कानून की गिरफ्त से बाहर है.

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उल्टा राज्य के गृह मंत्री विधानसभा में बयान देते है की पहलु खान गौतस्कर था और उस पर पहले भी कई मामले चल रहे थे. गृह मंत्री का यह बयाना इसलिए चौकाने वाला है क्योकि अगर पहलु खान गौतस्कर था तब राजस्थान की पुलिस क्या कर रही थी. राज्य पुलिस का ख़ुफ़िया विभाग इतना नाकारा हो चूका है की उससे पहले कथित गौरक्षको को पहलु खान के बारे में जानकारी हो जाती ही.

अब पहलु खान के बेटे राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार से इन्साफ की गुहार लगा रहे है. उनके साथ कुछ सामाजिक संगठन भी जुड़े हुए है जो लगातार सरकार पर दबाव बना रहे है. खबर है की बुधवार को पहलु खान के तीनो बेटे वसुंधरा राजे से मिलने के लिए पूरा दिन विधानसभा के बाहर खड़े रहे लेकिन वो उनसे नही मिली. मुख्यमंत्री के इस रवैये से सामाजिक संगठन बड़े नाराज हो गए.

उन्होंने धमकी दी है की जब तक पहलु खान को इन्साफ नही मिल जाता वो आन्दोलन करते रहेंगे. उन्होंने चेतावनी दी है की हम मई के पहले हफ्ते से पुरे देश में विरोध प्रदर्शन करेंगे. वसुंधरा राजे के रवैये से स्पष्ट है की वो इस मुद्दे को और हवा देने के मूड में नही है. सरकार का रुख विधानसभा में गृह मंत्री स्पष्ट कर चुके है. इसलिए यह मान के चलिए की उनके राज में गौरक्षको की गुंडागर्दी बादस्तूर जारी रहेगी.

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