jail 1541407158 618x347

जासूसी के आरोप में वाराणसी की सेंट्रल जेल से 16 साल जिंदगी गुजारने के बाद पाकिस्तानी कैदी जलालुद्दीन को रिहा कर दिया गया है। इस दौरान पाकिस्तानी नागरिक अपने मुल्क भगवत गीता लेकर गया है।

रविवार को वाराणसी जेल से रिहाई के बाद जब उसे वतन भेजा जाने लगा तो उसने जेल अधिकारियों के सामने एक आखिरी इच्छा जताई। जिसे सुनकर अधिकारी चौंक गए। जलालुद्दीन ने कहा- मैं श्रीमद्भागवत गीता साथ ले जाना चाहता हूं। जेल अधिकारियों ने उसके लिए तत्काल गीता मंगवाई।

सेंट्रल जेल सुपरिटेंडेंट अंबरीश गौड़ ने बताया कि पुलिस को एयरफोर्स स्टेशन के पास से पकड़े गए जलालुद्दीन के पास कुछ संदिग्ध कागजात मिले थे। पुलिस ने उसके पास से छावनी इलाके समेत अहम इलाकों के नक्शे भी बरामद किए थे। इसके बाद जलालुद्दीन को 16 साल कैद की सजा सुनाई गई थी। लेकिन अब जब उसकी रिहाई हुई है तो वह गीता लेकर पाकिस्तान स्थित अपने घर गया है।

जेलर ने बताया कि जलालुद्दीन को गोपनीयता कानून और विदेशी नागरिक एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। जेल सुपरिटेंडेंट के मुताबिक जब उसे गिरफ्तार किया गया तब वह सिर्फ हाईस्कूल तक पढ़ा था। लेकिन जेल में उसने इंटरमीडिएट किया और इसके बाद ओपन यूनिवर्सिटी इग्नू से एमए की डिग्री भी हासिल की।

जेल में रहने के दौरान उसने बिजली मिस्त्री का कोर्स भी पूरा किया और वह तीन साल जेल क्रिकेट लीग में अंपायर की भूमिका भी निभा चुका है।

जलालुद्दीन ने रविवार को रिहा होने से पहले एक पत्र जेल अधिकारियों के जरिए गृह मंत्रालय को भेजा। पत्र में उसने लिखा है, ‘मेरी ख्वाहिश है कि यूएसए, यूके, यूएई की तरह हमारे सार्क देश से भी एलओसी खत्म हो जाए। हम सब (भारत-पाकिस्तान और अन्य) एक हो जाएं तो कोई भी देश बुरी नजर से देखने की हिम्मत नहीं कर सकेगा

Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें