साध्वी रेप केस में राम रहीम को सीबीआई की अदालत ने दस साल की सज़ा सुनाई है. जल्द ही अगला नम्बर नाबालिग से बलात्कार के आरोपी आसाराम का हो सकता है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम बलात्कार केस को लेकर गुजरात सरकार को फटकार लगाई है.

आसाराम  के खिलाफ बलात्कार के मामले में धीमी सुनवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से पुछा कि अब तक पीड़ित का बयान क्यों नहीं दर्ज हुए है. अदालत ने इस संबंध में शपथपत्र दायर करने का भी निर्देश दिया. मामले की सुनवाई दीपावली के बाद के लिए स्थगित कर दी गई.

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इससे पहले सूरत की अदलत ने 12 अप्रैल को निर्देश दिया था कि आसाराम के खिलाफ दर्ज कराये गये मामले में अभियोजन के गवाहों के साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया तेजी लाई जाए. जिसके बाद बलात्कार की पीडितों सहित अभियोजन के शेष 46 गवाहों के बयान दर्ज किये गए थे.

बता दें कि आसाराम और उसके बेटे नारायण साई पर दो नाबालिग बहनों से दुष्कर्म का आरोप है. बड़ी बहन ने आरोप लगाया था कि अहमदाबाद के निकट स्थित आश्रम में वर्ष 2001 से 2006 में प्रवास के दौरान आसाराम ने उसका यौन शोषण किया था.

इसके अलावा राजस्थान के मामले में एक नाबालिग ने आरोप लगाया था कि जोधपुर के निकट मनाई गांव में स्थित अपने आश्रम में आसाराम ने उसका यौन शोषण किया था. इस सबंध में जोधपुर पुलिस ने आसाराम को 3 अगस्त 2013 को गिरफ्तार किया था. जब से ही वह जेल में बंद है.

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