लखनऊ | उत्तर प्रदेश में होने वाले 14 नगर निगमों के चुनाव ईवीएम् के जरिये ही कराये जायेंगे. राज्य चुनाव आयुक्त ने सोमवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा की केन्द्रीय चुनाव आयोग ने ईवीएम् के लिए हामी भर दी है. हालाँकि पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने ईवीएम् से चुनाव संपन्न कराने से इनकार कर दिया था. लेकिन चुनाव आयोग के हस्तक्षेप और मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद राज्य चुनाव आयुक्त अपने फैसले से पीछे हट गए.

सोमवार को राज्य चुनाव आयुक्त एस के अग्रवाल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा की आगामी जुलाई में होने वाले नगर निगम के चुनाव को ईवीएम् के जरिये ही कराया जायेगा. केन्द्रीय चुनाव आयोग चुनावो के लिए पर्याप्त मात्र में ईवीएम् उपलब्ध कराने के लिए राजी हो गया है. हालाँकि चुनाव आयोग 2006 से पहले की ही ईवीएम् उपलब्ध कराएगा जिन पर राज्य चुनाव आयोग ने सवाल उठाये थे.

मालूम हो की 31 मार्च को राज्य चुनाव आयोग को पत्र लिखकर बताया थे की वो 2006 से पहले की ईवीएम् से चुनाव नही कराएँगे. यदि चुनाव आयोग नई ईवीएम् उपलब्ध नही कराएगा तो बैलेट पेपर से चुनाव कराये जायेंगे. जब इस बारे में सवाल किया गया तो एस के अग्रवाल ने कहा की उन्होंने पुरानी ईवीएम् की गुणवत्ता पर कभी सवाल खड़े नही किये थे. गुणवत्ता का सवाल खुद केन्द्रीय चुनाव आयोग ने उठाया था.

एस के अग्रवाल ने आगे कहा की केन्द्रीय चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश से पर्याप्त मात्रा में ईवीएम् देने पर सहमती जताई है. हमने 25 हजार कण्ट्रोल यूनिट और 50 हजार बैलेट यूनिट की मांग की थी जिसको मान लिया गया है. और इसके लिए हमने ईवीएम् मंगाने की कार्यवाही भी शुरू कर दी है. उधर पुरे मामले में राज्य निर्वाचन आयोग के सख्त तेवर को देखते हुए मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने एस के अग्रवाल से बात की. इसके बाद वो खुद योगी अदित्यनाथ से भी मिले. योगी से मिलने के बाद एस के भटनागर का रुख बदल गया.

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