लखनऊ । हाल ही में यूपी की योगी सरकार के कई फ़ैसलों पर काफ़ी बवाल हुआ है। इसमें एक फ़ैसला विवाह पंजीकरण से सम्बंधित था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गद्दी पर बैठते ही प्रदेश में विवाद का पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया था। सरकार के इस आदेश पर काफ़ी बवाल हुआ। ख़ासकर कई मुस्लिम संगठनो ने इसका विरोध करते हुए निकाह पंजीकरण नही कराने का फ़ैसला किया।

लेकिन योगी सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मोहसिन रजा ने उस समय इस फ़ैसले का समर्थन करते हुए अपना निकाह पंजिकृत कराकर ख़ूब सुर्ख़ियाँ बटोरी। उन्होंने क़रीब 16 साल बाद अपना निकाह पंजीकृत कराया। अब इस मामले में आयी क़ानूनी अड़चनो ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी है। दरअसल उनका निकाह पंजीकरण क़ानूनी प्रक्रिया पूरी नही करने की वजह से रद्द कर दिया गया है।

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हालाँकि मोहसिन रजा ने इससे इंकार करते हुए कहा की मेरा निकाह पंजीकरण रद्द नही हुआ है। कानून के मुताबिक, तीन महीने के भीतर पंजीकरण प्रमाणपत्र ले लेना चाहिए लेकिन मैं व्यस्तता के कारण प्रमाणपत्र लेने नहीं जा सका। इस मामले में आगे जो भी कार्रवाई जरूरी है, उसे पूरा किया जाएगा। हालाँकि मंत्री जी के लिए असली मुश्किल यह है की उन्हें अब पूरी प्रक्रिया के लिए दोबारा आवेदन करना होगा।

योगी सरकार के आदेश के बाद उन्होंने अपर ज़िलाधिकारी कार्यालय में निकाह पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। जब उनका पंजीकरण प्रमाणपत्र तैयार हो गया तो अपर ज़िलाधिकारी अनिल कुमार ने उनको फ़ोन कर इसकी जानकारी दी। लेकिन व्यवस्ताओ के कारण मंत्री जी अपना प्रमाणपत्र लेने नही आ सके। इसलिए क़ानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उनका पंजीकरण रद्द कर दिया गया।

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