लखनऊ | उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रदेश में सभी मदरसों की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए है. अपने आप में बेहद ही हैरान कर देने वाले इस आदेश पर प्रदेश के मुस्लिम संगठनो ने कड़ा एतराज जताया है. उनका कहना है की प्रदेश सरकार का यह कदम साबित करता है की वो हमारी देशभक्ति को संदेह की नजरो से देख रही है.

मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश मदरसा परिषद बोर्ड ने 3 अगस्त को जिला अल्पसंख्यक अधिकारी को पत्र लिखकर निर्देश दिया है की स्वंत्रता दिवस के मौके पर प्रदेश के सभी मदरसों की वीडियोग्राफी कराई जाए. जिला अल्पसंख्यक अधिकारी को यह भी सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है की 15 अगस्त को सभी तय कार्यक्रमों का मदरसों में आयोजन हो. कार्यक्रमों के अनुसार सुबह 8 बजे ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान गाया जायेगा.

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इसके बाद 8.10 पर अमर शहीदों को श्रदांजली देने और बाद में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कराने का भी निर्देश दिया गया है. सरकार का आदेश है की इन सभी कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराकर उसको जिला अल्पसंख्यक अधिकारी के पास जमा कराया जाए. यह आजाद भारत के इतिहास का पहला उदहारण है जिसमे मदरसों की वीडियोग्राफी करने का आदेश दिया गया हो. सरकार के इस फैसले पर कुछ मुस्लिम संगठनो ने सवाल उठाया है.

मदरसा प्रबंधक हाजी सैयद तहव्वर हुसैन ने सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा की देश की आजादी में मदरसों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था. फिर भी सरकार उनको संदेह की नजरो से देख रही है. सरकार का यह फैसला बेहद दुखद है. बताते चले की मदरसा परिषद बोर्ड के अंतर्गत 8 हजार मदरसे आते है जिनमे से 560 मदरसे सीधे तौर पर सरकार से वित्तीय मदद लेते है.

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