up bulandshahar almi tablighi ijtema 1 644x362

बुलंदशहर में कथित गौरक्षा के नाम पर हुई हिंसा के बाद अब प्रशासन ने बुलंदशहर में आयोजित इज्तेमा के आयोजको को नोटिस जारी किया है। ये नोटिस इज्तेमा में ज्यादा संख्या में लोगो के पहुँचने को लेकर जारी किया गया है। बुलंदशहर के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया बुलंदशहर में आयोजित इज्तेमा में 2 लाख लोगों के आने के लिए अनुमति मांगी गई थी। जबकि इससे कई गुना अधिक भीड़ आई। इसे लेकर जिलाधिकारी द्वारा आयोजकों को नोटिस दिया गया है।

वहीं आयोजकों का दावा है कि इस इज्तेमा में 50 लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। हालांकि गनीमत रहा कि इसकी वजह से कहीं कोई दिक्कत नहीं आई। बता दें कि हिंसा के बाद से ही बीजेपी नेताओं के निशाने पर इज्तेमा रहा है। बीजेपी नेता हिंसा को इज्तेमा से जोड़ कर देख रहे है।

हाल ही में केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने इस हिंसा को तब्लीगी इज्तिमा से जोड़ते हुए कहा कि “तब्लीगी इज्तिमा के कार्यक्रम में 10 से 15 लाख लोग जुटे हुए थे। इसके लिए 6 से 7 किलोमीटर के दायरे में टेंट लगाया गया था। पूरी बैठक गोपनीय और संदिग्ध माहौल में हो रही थी। यहां तक कि इस कॉन्क्लेव में मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर भी मनाही थी। यह इशारा करता है कि जिस जिले में इज्तिमा हो रहा था। वहीं, पर क्यों हिंसा की वारदात हुई।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

उमा भारती ने पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या के मामले में उन्होंने कहा, “घटना की गहराई से जांच होनी चाहिए और यह सही है कि योगी सरकार ने तत्काल मामले में एसआईटी टीम को जांच का जिम्मा सौंप दिया है।”  हालांकि यूपी पुलिस इस घटना का इज्तिमा कार्यक्रम से किसी भी प्रकार के संबंध को नकार चुकी है।

यूपी पुलिस ने सुदर्शन न्यूज के मालिक सुरेश चवहाणके को बुलंदशहर हिंसा को तबलीगी जमात के इज्तिमा से जोड़ने पर कड़ी फटकार लगाई थी। चव्हाणके के  ट्वीट पर बुलंदशहर पुलिस ने ट्वीट किया, “कृपया भ्रामक खबर न फैलाएं। इस घटना का इज्तिमा कार्यक्रम से कोई संबंध नही है। इज्तिमा सकुशल संपन्न हुआ है। उपरोक्त हिंसा की घटना इज्तिमा स्थल से 45-50 किमी दूर थाना स्याना क्षेत्र मे घटित हुई है जिसमें कुछ उपद्रवियो द्वारा घटना कारित की गयी है। इस संबंध मे वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

Loading...