राष्ट्रीय समाचार पत्र ‘दैनिक जागरण’ के खिलाफ 15 ज़िलों में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया हैं. ये आदेश मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी ने दिया हैं. ज़ैदी ने यूपी के पहले चरण से सभी 15 ज़िलों के ज़िला निर्वाचन अधिकारियों को कहा है कि वह अपने-अपने ज़िले में जागरण पर मुकदमा करें.

दरअसल, ‘दैनिक जागरण’ ने पत्राकारिता की गरिमा को तार-तार करते हुए पहले चरण की वोटिंग के बाद एग्ज़िट पोल की ख़बर प्रकाशित की. याद रहे निर्वाचन आयोग की आचार संहिता के अनुसार इस तरह के पोल का प्रकाशन प्रतिबंधित किया हुआ हैं.

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‘दैनिक जागरण’ ने पहले चरण के मतदान के बाद बीजेपी का पक्ष लेते हुए बीजेपी को सबसे आगे बताया हैं. इसी के साथ नंबर दो पर बसपा और सपा-कांग्रेस गठबंधन तीसरे नंबर पर रखा हैं. जागरण ने रिसोर्स डेवलेपमेंट इन्टरनेशनल (आरडीआई) के सर्वे का हवाला देते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 73 सीटों का एक्ज़िट पोल प्रकाशित किया हैं.

जागरण की और से इस सर्वे को “फ़ीडबैक ऑफ वोटर्स” नाम दिया गया लेकिन यह निर्वाचन आयोग ने इसे एक्ज़िट पोल ही माना है. साथ ही निर्वाचन आयोग इस तरह की चीजों को पहले ही प्रतिबंधित कर चुका है. माना जा रहा हैं कि जागरण की और से बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए ये सब किया गया.

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