Friday, September 24, 2021

 

 

 

CAA विरोध के बीच बोले चीफ जस्टिस बोबडे – विश्वविद्यालय केवल ईंट और गारे की दीवारें नहीं…

- Advertisement -
- Advertisement -

नागपुर: नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के मुद्दे पर देशभर के विश्वविद्यालयों में हो रहे प्रदर्शनों के बीच चीफ जस्टिस एस ए बोबडे ने कहा है कि विश्वविद्यालय किसी प्रोडक्शन यूनिट की तरह काम नहीं कर सकते.

उन्होंने कहा कि ये केवल ईंट और गारे से बनी इमारत नहीं होते. यह महत्वूपर्ण है कि यूनिवर्सिटी के विचारों से ही पता चलता है कि एक समाज के तौर पर हम क्या हासिल करना चाहते हैं. उन्होंने नागपुर यूनवर्सिटी के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें कही.

मुख्य न्यायाधीश बोबडे ने कहा कि नागरिकता केवल एक अधिकार नहीं है। यह समाज के प्रति लोगों की जिम्मेदारियों से भी जुड़ा है. यह बयान ऐसे समय आया है जब देश के अलग-अलग यूनिवर्सिटी के छात्र नागरिकता कानून और नेशनल सिटिजन रजिस्टर का विरोध कर रहे हैं.

बोबडे ने कहा, ‘विश्वविद्यालय केवल ईंट और गारे की दीवारें नहीं हैं. निश्चित रूप से, विश्वविद्यालयों को असेंबली लाइन प्रोडक्शन यूनिट की तरह काम नहीं करना चाहिए. सबसे महत्वपूर्ण बात, एक विश्वविद्यालय का विचार यह है कि हम एक समाज के रूप में क्या हासिल करना चाहते हैं?’.

बता दें कि चीफ जस्टिस बोबडे का बयान इसलिए भी अहम है, क्योंकि जामिया से लेकर जेएनयू तक बीते कुछ समय से नागरिकता संशोधन कानून से लेकर फीस वृद्धि के मसले पर आंदोलन देखने को मिले थे. हालांकि, सीजेआई ने अपने बयान में सीएए का जिक्र नहीं किया है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles