राजधानी दिल्ली में बीते एक सप्ताह से जारी किसानों के प्रदर्शन पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है और अधिकारियों को उन्हें यह करने देना चाहिए।

गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा कि ‘‘जहां तक भारत का सवाल है तो मैं वही कहना चाहता हूं कि जो मैंने इन मुद्दों को उठाने वाले अन्य लोगों से कहा है, … यह … कि लोगों को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का अधिकार है और अधिकारियों को उन्हें यह करने देना चाहिए।”

बता दें कि किसान इस साल के शुरू में संसद द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं और उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि ये कानून न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली को खत्म करने का मार्ग प्रशस्त करेंगे, जिससे किसान बड़े कॉर्पोरेट घरानों की दया पर निर्भर हो जाएंगे।

इसी बीच अब किसानों ने आगामी 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान किया है। भारतीय किसान यूनियन (BKU-Lakhowal) के महासचिव एचएस लखोवाल ने सिंघू बॉर्डर से कहा, कल हमने सरकार से कहा कि कृषि कानूनों को वापस लिया जाना चाहिए। 5 दिसंबर को देशभर में पीएम मोदी (PM Modi) के  पुतले जलाए जाएंगे। हमने 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है।

किसान नेता युद्धवीर सिंह का कहना है कि हम तीनों कृषि कानून वापस लेने के अलावा कोई समझौता नहीं करने वाले हैं। सरकार न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (MSP) की गारन्टी भी दे। हम खुद बातचीत को आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं। इसके अलावा भाकपा-माले ने भी 5 दिसंबर को पूरे बिहार में चक्का जाम आंदोलन का फैसला किया है।

IANS की खबर के मुताबिक, यह चक्का जाम आंदोलन भाकपा-माले, अखिल भारतीय किसान महासभा और अखिल भारतीय खेत और ग्रामीण मजदूर सभा के संयुक्त बैनर तले आयोजित किया जाएगा।

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