Wednesday, October 20, 2021

 

 

 

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लगाए FB पर गंभीर आरोप, मार्क जकरबर्ग को भी लिखी चिट्ठी

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नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने फेसबुक पर गंभीर आरोप लगाते हुए फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को चिट्ठी लिखी है। जिसमे उन्होने आरोप लगाया कि 2019 के चुनाव से पहले फेसबुक इंडिया प्रबंधन ने दक्षिणपंथी विचारधारा के समर्थकों के पेज डिलीट कर दिए या उनकी पहुंच कम कर दी। जबकि फेसबुक को संतुलित और निष्पक्ष होना चाहिए था।

उन्होंने आरोप लगाया कि फेसबुक इंडिया टीम में कई वरिष्ठ अधिकारी एक विशेष राजनीतिक विचारधारा के समर्थक हैं। उन्होने ये भी कहा कि फेसबुक के कर्मचारी प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्रियों को अपशब्द कहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं यह भी बताना चाहता हूं कि हाल ही में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं, जहां फेसबुक का उपयोग अराजक और कट्टरपंथी तत्वों द्वारा किया गया है, जिनका एकमात्र उद्देश्य सामाजिक व्यवस्था को नष्ट करना और लोगों को हिंसा के लिए इकट्ठा करना है। हमने अभी तक ऐसे तत्वों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं देखी है।

केन्द्रीय मंत्री ने लिखा, विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि फेसबुक इंडिया टीम के कई लोग एक खास विचारधारा को फॉलो करते हैं। इस विचारधारा के लोगों को देश की जनता दो बार आम चुनावों में पटखनी दे चुकी है। चुनावों में परास्त होने के बाद अब ये ताकतें सोशल मीडिया के जरिए देश की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संस्थाओं को बदनाम करने में लगी हुई हैं। अपने इस दुष्प्रचार के लिए इन ताकतों ने फेसबुक को नया हथियार बनाया है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि फेसबुक कंपनी में ऊंचे पदों पर बैठे लोगों में विचारधारा को लेकर आपस में संघर्ष चल रहा है। कंपनी में बैठे एक खास विचारधारा के लोग चयनित तरीके से देश और सरकार के खिलाफ अफवाह और गलत जानकारियों को बढ़ावा दे रहे हैं। इस संघर्ष में देश के राष्ट्रवादी लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि फेसबुक के साथ एक बड़ी समस्या है कि उसने फैक्ट चेकिंग का जिम्मा थर्ड पार्टी को दे रखा है। ऐसे में वह कोई भी अफवाह फैलाने वाली पोस्ट आने पर बड़ी आसानी से इसे थर्ड पार्टी का काम बताकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेता है। यहां तक कि कोविड- 19 को लेकर देश भर में भ्रम फैलाने वाली कई पोस्ट फैलाई गई। जिसे फेसबुक ने क्रॉस चेक नहीं किया।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि फेसबुक ने दुनिया के करोड़ों लोगों को अपने विचार व्यक्त करने का एक मंच दिया है। लेकिन उसे ध्यान रखना होगा कि विचारों की अभिव्यक्ति और अफवाहों के प्रसार में बहुत अंतर है। इसलिए उसे अपनी जिम्मेदारी का पालन करते हुए एक खास विचारधारा को प्रमोट करने और गलत जानकारियों को फैलाने से बचना चाहिए।

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