महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय को कोरोनावायरस के प्रसार के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्राल पिछले महीने दिल्ली में तब्लीगी जमात द्वारा आयोजित सभा को रोकने में विफल रहा।

देशमुख ने एक बयान में सवाल किया कि तब्लीगी जमात द्वारा दिल्ली के निज़ामुद्दीन क्षेत्र में अपने मुख्यालय में आयोजित इज्तेमा के लिए अनुमति क्यों दी गई और जमात प्रमुख मौलाना शाद और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बीच “गुप्त वार्ता” के बारे में आश्चर्य हुआ।

उन्होंने यह भी पूछा कि तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद डोभाल के मुख्यालय का दौरा करने के बाद फरार क्यों थे।उन्होंने यह भी जानना चाहा कि डोभाल और दिल्ली पुलिस आयुक्त इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं। उन्होने कहा, “निज़ामुद्दीन में जमात मुख्यालय का दौरा करने के बाद आधी रात को डोभाल और मौलाना साद के बीच हुई गुप्त वार्ता क्या थी? उनकी मुलाकात के बाद मौलाना साद फरार क्यों हैं और वह अब कहां हैं? “

अनिल देशमुख ने दावा किया कि ”तब्लीगी जमात से महाराष्ट्र लौटे पचास लोग लापता हैं। उनकी तलाश की जा रही है। तब्लीगी जमात से लौटे  1400 लोगों में से 1350 लोगों का टेस्ट करवाया गया। अभी भी 50 लोग फोन बंद करके छिपे है।” देशमुख ने आगे कहा,”पुलिसकर्मियों के साथ जो भी बदसलूखी करेगा उनपर कठोर कार्यवाई का आदेश दिया गया है।

Loading...
लड़के/लड़कियों के फोटो देखकर पसंद करें फिर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

 

विज्ञापन