Sunday, January 23, 2022

उना में गौरक्षकों ने फिर से दलितों को पीटा, 8 युवक गंभीर रूप से घायल

- Advertisement -

कथित गौरक्षा के नाम पर भगवा संगठनों द्वारा उना में दलित युवकों की पिटाई के मामलें ने देश को हिला कर रख दिया था. जिसके कारण गुजरात की तत्कालीन मुख्यमंत्री आनंदी पटेल को अपनी कुर्सी से तक हाथ धोना पड़ा. ऐसे में फिर से कथित रूप से गौरक्षकों द्वारा दलितों को पीटे जाने का मामला सामने आया हैं. 20 दलितों के एक समूह पर समतर गांव के पास भीड़ ने हमला कर दिया, जिसमें आठ दलित गंभीर रूप से घायल हो गए.

घटना उस वक्त हुई जब उन में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर “अहमदाबाद से चली आजादी कूच रैली के समापन पर उना में हुई जनसभा” में से लौट रहें दलितों को  उना-भावनगर रोउ पर समतर के पास रोक कर उनकी पिटाई की. यह जगह मोटा समधिया गांव से ज्यादा दूर नहीं है, जहां पिछले महीने गौ-रक्षकों ने सात दलितों की बुरी तरह पिटाई की थी.

पीड़ितों का दावा है कि हमलावर समतर गांव के निवासी हैं. वे लोग पिछले महीने उना में दलितों की पिटाई करने की घटना को लेकर गिरफ्तार हुए 12 लोगों का ‘‘बदला’’ लेना चाहते थे. गिर सोमनाथ पुलिस नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘समतर में आज शाम पुलिस ने हिंसक भीड़ को भगाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. जब उन्होंने भागने से इनकार कर दिया, तो लाठी चार्ज भी किया गया.’’

पीड़ित मावजीभाई सरवैया का आरोप है कि उनपर समतर गांव के लोगों ने हमला किया. उन्होंने कहा, ‘‘उना दलित पिटाई कांड में अभी तक गिरफ्तार 30 लोगों में से 12 लोग समतर के रहने वाले हैं. यह उना से 11 किलोमीटर दूर स्थित है. मेरे सहित करीब 200 दलित बाइक से उना रैली में शामिल होने आए थे. जब हम लौट रहे थे, समतर के निवासियों ने सड़क अवरूद्ध किया बौर बेरहमी से हमें पीटा.’’

मावजीभाई ने कहा, ‘‘हालांकि पुलिस बल वहां था, लेकिन हमलावरों के मुकाबले वे बहुत कम थे. वे लोग उनके 12 लोगों की गिरफ्तारी के लिए हमें जिम्मेदार ठहरा रहे थे. कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से आठ को गंभीर चोटें आयी हैं. घायलों को भावनगर और राजुला के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हमारी एक बाइक को आग भी लगा दिया गया.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि हमले के वक्त पुलिस ने उनकी मदद नहीं की.

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह योजनाबद्ध हमला था, क्योंकि सभी वैकल्पिक सड़कें भी अवरूद्ध थीं. हमपर पुलिस की मौजूदगी में हमला हुआ. जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गयी, तब पुलिस ने भीड़ पर आंसू गैस के गोले दागे.’’ बार-बार प्रयास के बावजूद पुलिस का कोई शीर्ष अधिकारी प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध नहीं था.

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles