Wednesday, June 23, 2021

 

 

 

संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव पारित, पाकिस्तान ने दिया साथ, भारत ने झटका

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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में मंगलवार को श्रीलंका के लंबे गृह युद्ध के दौरान किए गए युद्ध अपराधों की जानकारी और सबूत इकट्ठा करने और संरक्षित करने के लिए एक प्रस्ताव को पारित कर दिया।

प्रस्ताव को कुल 47 सदस्य देशों में से 22 का समर्थन मिला। चीन और पाकिस्तान समेत 11 देशों ने विरोध में अपना वोट दिया और भारत समेत 14 देश वोटिंग से गैरहाज़िर रहे।  ये प्रस्ताव तमिलों के खिलाफ श्रीलंका के ‘युद्ध अपराधों’ पर लाया गया था।

बता दें कि श्रीलंका की सरकार लगातार अपील कर रही थी कि भारत प्रस्ताव के खिलाफ वोट करे तो दूसरी तरफ, तमिल नेशनल एलायंस ने भारत से प्रस्ताव को समर्थन देने की मांग की थी। तमिल नेशनल एलायंस ही उत्तरी और पूर्वी श्रीलंका के गृह युद्ध से प्रभावित तमिलों का प्रतिनिधित्व कर रहा है।

भारत ने आग्रह किया कि श्रीलंका सरकार सुलह की कुछ प्रक्रिया को आगे बढ़ाए, तमिल समुदाय की आकांक्षाओं का समाधान करे। भारत ने आगे कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ रचनात्मक रूप से बातचीत करे ताकि उसके सभी नागरिकों के मौलिक अधिकारों और मानवाधिकारों का पूरी तरह से संरक्षण हो।

बीजेपी नेता सुब्रम्णयम स्वामी ने वोटिंग से बाहर रहने पर मोदी सरकार की आलोचना की है। स्वामी ने ट्वीट कर कहा, ”मोदी सरकार को वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा बिकने वाली किताब: ”कैसे अपने दोस्तो को खोएं और दुश्मनों को बढ़ावा दें।” यह किताब अमेरिकी लेखक डेल कॉर्निगी की किताब: ”हाउ टू विन फ्रेंड एंड इन्फ्लुएंस द पीपल” के जवाब में होगी। हमने नेपाल, भूटान, श्रीलंका को खो दिया है और चीन, पाकिस्तान को बढ़ावा दिया है।”

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