नई दिल्ली | बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लालकृष्ण आडवानी , मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत 13 आरोपियों के खिलाफ अपराधिक साजिश का मुकदमा चलाने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद विपक्षी दलों ने उमा भारती से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की है. इस मामले में सफाई देते हुए कहा की कोई साजिश नही थी सब कुछ खुल्लम खुल्ला था.

सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर अपनी बात सामने रखी. उन्होंने कहा की मैंने इस बात से कभी इनकार नही किया की उस समय में अयोध्या में मौजूद नही थी. मैं वहां मौजूद थी और जो भी हुआ वो सब खुल्लम खुल्ला था. इसमें कोई साजिश नही थी. यह मेरे लिए गर्व की बात है की मैं राम मंदिर आन्दोलन में शामिल थी.

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उमा भारती ने आगे कहा की इस पर मुझे इस बात का कोई अफ़सोस नही है की मैं इस आन्दोलन की भागीदार रही. राम मंदिर आन्दोलन की वजह से ही बीजेपी आज यहाँ तक पहुंची है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उन्होंने कहा की मैं इस पर कोई टिप्पणी नही करना चाहती. लेकिन मैं आज अयोध्या जाउंगी और सरयू नदी से पैदल चलकर राम लला के दर्शन करुँगी. इसके अलावा हनुमानगढ़ी में जाकर हनुमान जी के दर्शन करुँगी.

उमा भारती ने राम मंदिर के लिए जान देने की बात करते हुए कहा की यह देश गाय, गंगा , श्री राम और तिरंगा का है. अगर कोई भी इनका अपमान करेगा तो मैं हमेशा उसके खिलाफ खडी रहूंगी. अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनेगा, कश्मीर में तिरंगा फहराया जायेगा और गंगा निर्मल होगी. मैं देश को कहना चाहती हूँ की राम मंदिर बनने का समय आ गया है. इस्तीफा देने के सवाल पर उन्होंने कहा की कांग्रेस को मेरा इस्तीफा मांगने का हक़ नही है.

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