विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने यूजीसी एक्ट का उल्लंघन कर संचालित हो रहे 23 ‘स्वयंभू’ और ‘गैरमान्यता प्राप्त’ विश्वविद्यालयों की सूची जारी की है। आयोग ने छात्रों को इन संस्थानों में प्रवेश लेने के प्रति चेताया है।

यूजीसी सचिव रजनीश जैन की ओर से विद्यार्थियों और आम लोगों को सूचित किया गया है कि वर्तमान में देश के विभिन्न हिस्सों में यूजीसी अधिनियम का उल्लंघन कर 23 स्वघोषित, गैर-मान्यता प्राप्त संस्थान चल रहे हैं। इनमें से आठ विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश में हैं, उसके बाद सात दिल्ली में हैं। पश्चिम बंगाल में दो, ओड़ीसा में तीन और केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र व पुडुचेरी में एक-एक फर्जी विश्वविद्यालय है।

उत्तर प्रदेश :- वरानस्य संस्कृत विश्वविद्यालय (वाराणसी), गांधी हिंदी विद्यापीठ (वाराणसी), महिला ग्राम विद्यापीठ/विश्वविद्यालय (प्रयागराज), नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्रो कॉम्प्लेक्स होम्योपैथी (कानपुर), नेताजी सुभाष चंद्र बोस ओपन यूनीवर्सिटी (अलीगढ़), उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय (मथुरा), महाराणा प्रताप शिक्षा निकेतन विश्वविद्यालय (प्रतापगढ़), इंद्रप्रस्थ शिक्षा परिषद (नोएडा)।

दिल्ली :- कॉमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी, वोकेशनल यूनिवर्सिटी, एडीआर- सेंट्रिक ज्यूरीडिकल यूनिवर्सिटी, इंडियन इंस्टीट्यूशन ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग, आध्यात्मिक विश्वविद्यालय, विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी।

बंगाल :- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन, इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन एंड रिसर्च।

ओडिशा :- नबभारत शिक्षा परिषद, नॉर्थ ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी।

अन्य :- बडगानवी सरकार व‌र्ल्ड ओपन यूनिवर्सिटी एजुकेशन सोसायटी (कर्नाटक), सेंट जॉन यूनिवर्सिटी (केरल), राजा अरबी यूनिवर्सिटी (महाराष्ट्र), श्री बोधि अकादमी ऑफ हायर एजुकेशन (पुडुचेरी)।

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