Thursday, August 5, 2021

 

 

 

UGC ने छात्रों के लिए जारी किए हेल्पलाइन नंबर और ई-मेल आईडी

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के बीच छात्रों की समस्याओं को सुनने और संभव हल उपलब्ध कराने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया है और इस टास्क फोर्स से विभिन्न माध्यमों से सम्पर्क करने के लिए हेल्पलाइन भी जारी की है।

विद्यार्थी अपनी शिकायतों को हेल्पलाइन नंबर – 011-23236374 और ई-मेल एड्रेस [email protected] के जरिए दर्ज करा सकते हैं। विद्यार्थी इस हेल्पलाइन नंबर और ई-मेल आईडी के जरिए परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं के साथ ही शैक्षणिक क्रियाकलापों के बारे में भी जानकारी हासिल कर सकते हैं।

यूजीसी ने ये हेल्पलाइन नंबर और ई-मेल आईडी कोविड-19 के दौरान विद्यार्थियों की समस्याओं को कम करने के लिए जारी की है। विद्यार्थियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए शिक्षा दी जा रही है। ऐसे में अगर किसी छात्र को कोई दिक्कत होती है तो वह इन हेल्पलाइन नंबर पर उसका हल पा सकता है।

यूजीसी ने रविवार को सभी शैक्षिणिक संस्थानों से गुजारिश करते हुए कहा कि वे कोरोना महामारी को देखते हुए छात्रों की समस्याओं को हल करने के लिए एक विशेष सेल का गठन करें। यूजीसी ने इसे लेकर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सभी संस्थानों के लिए एक नोटिस जारी किया है।

UGC ने पिछले हफ्ते यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के लिए नया अकेडमिक कैलेंडर जारी करने के साथ ही परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए थे। UGC की गाइडलाइन्स के मुताबिक, पुराने स्टूडेंट्स के लिए कॉलेज अगस्त के महीने से शुरू होंगे, जबकि नए स्टूडेंट्स के लिए कॉलेज का सत्र सितंबर के महीने से शुरू किया जाएगा।

यूजीसी ने कहा था कि टर्मिनल सेमेस्टर /ईयर परीक्षा 01 जुलाई से 15 जुलाई के बीच आयोजित की जाएगी, जिसके नतीजे 31 जुलाई तक दिए जाएंगे। इंटरमीडिएट सेमेस्टर /ईयर परीक्षा का आयोजन 16 जुलाई से 31 जुलाई के बीच किया जाएगा और उसका रिजल्ट 14 अगस्त तक दिया जा सकता है।

यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को पेंडिंग एग्जाम के बारे में यूजीसी ने कहा है कि यूनिवर्सिटी कम समय में परीक्षाएं आयोजित कराने के लिए नए और अल्टरनेटिव तरीके अपना सकती हैं। यूजीसी ने ये भी कहा है कि यूनिवर्सिटी कुशल और नए तरीके अपनाकर एग्जाम के समय को 3 घंटे से कम करके 2 घंटे कर सकती हैं। इसके साथ ही अपने अध्यादेशों या नियमों के अनुसार परीक्षाएं ऑफलाइन या ऑनलाइन आयोजित करा सकती हैं।

यूजीसी ने M.Phil. और  PhD के स्टूडेंट्स को 6 महीने के एक्सटेंशन की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही कमीशन ने ये भी कहा है कि यूनिवर्सिटी PhD और M. Phil एग्जाम के लिए गूगल, स्काइप, माइक्रोसॉफ्ट टेक्नोलॉजी या अन्य टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित कराई सकती हैं।

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