मुंबई | वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज वित्त वर्ष 2017-18 के लिए आम बजट संसद में पेश किया. बजट में नौकरीपेशा लोगो को राहत देते हुए टैक्स दरो को आधा कर दिया गया. इसके अलावा किसान, युवा और गरीबो के लिए बजट में कई घोषणाएं की गयी. बजट की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इसे हर वर्ग का सपना पूरा करने वाला बजट बताया. वही राहुल गाँधी ने इसे शेरो शायरी वाला बजट बताते हुए ख़ारिज कर दिया.

उधर केंद्र सरकार में सहयोगी शिवसेना ने भी बजट पर उंगलिया उठाई है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सरकार पर आरोप लगाया की पिछले बजट में की गयी घोषणाएं अभी तक पूरी नही हुई है और इस बजट में कुछ और  घोषणाएं कर दी गयी. शिवसेना सांसद अरविन्द सावंत ने भी बजट पर सवाल उठाते हुए कहा की हमें समझ ही नही आ रहा की बजट में इस साल घोषित क्या किया गया है?

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बजट पेश करने के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा की जब पिछले साल बजट में की गयी घोषणाएं ही पूरी नही हुई है तो हर साल बजट पेश करने की जरुरत ही क्या है? उद्धव ठाकरे ने कहा की नोट बंदी से जनता को जो परेशानी हुई है उसकी भरपाई कभी भी नही की जा सकती. सरकार के इस फैसले से केवल आम जनता की जेब काटी गयी है जबकि बड़ी मछली पर इसका कोई असर नही हुआ.

उद्धव ने आगे कहा की सरकार कह सकती है की जमा धन कई गुना बढ़ा है लेकिन सच तो यह है की बड़े लोगो को इससे अलग रखा गया और आम आदमी की जेब काटी गयी. उद्धव ने सरकार से पुछा की आखिर उन्होंने पिछले बजट में यह घोषणा क्यों नही की थी की हम आगे नोट बंद करने वाले है. शिवसेना सांसद अरविन्द सावंत ने बजट पर अपनी राय रखते हुए कहा की इससे केवल वेतनभोगियो को फायदा हुआ है, किसान, गरीब, युवा और सीनियर सिटीजन को इससे कुछ नही मिला.


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