محمد بن راشد يزور محمد بن زايد

नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने में संयुक्त अरब अमीरात ने भी अहम भूमिका निभाई है। संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत ने सोमवार को कहा कि भारतीय लड़ाकू विमानों के बालाकोट में आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अहमद अल बन्ना ने हालांकि साफ किया कि यूएई ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता नहीं की, और उसके प्रयासों का लक्ष्य तनाव को घटाना था। बन्ना ने आईआईटी-दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘यूएई ने (भारत और पाकिस्तान के बीच) तनाव को घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।’’

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राजदूत ने अबूधाबी के वली अहद (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन जायद अल-नाहयान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से 28 फरवरी को हुई टेलीफोन वार्ता का भी उल्लेख किया। राजदूत ने कहा, ‘‘अबूधाबी के वली अहद और सशस्त्र बलों के उप कमांडर ने प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान को कॉल किया था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी भूमिका विवेक से काम लेने और शांतिपूर्ण तरीके से मतभेदों का समाधान करने की सलाह देने की थी, जैसा यूएई ने ईरान के साथ अपने संबंधों के मामले में किया था।’’

बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले 40 जवान शहीद हो गए थे। इस आतंकी घटना की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। इसके बाद भारत ने ठीक 12 दिन बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के बालाकोट में हमला किया था। इसके बाद पाकिस्तान ने भी पलटवार करने की कोशिश की लेकिन भारती लड़ाकू विमानों ने उनको वापस खदेड़ दिया था।

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