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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अपनी शादी के बहाल होने पर हादिया उर्फ अखिला अशोकन ने राज्य सरकार से मुआवजे की मांग की है. उन्होंने मुआवजे की मांग पिछले दो सालों के दौरान शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना को लेकर झेली है.

सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हादिया ने कहा कि हाई कोर्ट के फैसले के बाद उन्हें परिवार के पास भेज दिया गया. जहाँ उन्हें लगातार प्रताड़ना झेलनी पड़ी. ऐसे में राज्य सरकार को दो वर्षों कष्ट के लिए मुआवजा देना होगा.

पति शफीन जहां के साथ मीडिया के सामने आईं हादिया ने कहा कि उनके पिता देश-विरोधी ताकतों के हाथों में खेल रहे हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके एक मुस्लिम व्यक्ति से शादी करने और इस्लाम अपनाने को मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

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मेरे पिता देश-विरोधी ताकतों के हाथों में खेल रहे हैं : हादिया

इंडिया टुडे के मुताबिक पत्रकारों से बातचीत में हादिया ने कहा, ‘मैंने अपनी इच्छा से इस्लाम अपनाया है. लेकिन कुछ लोग इस पर विवाद पैदा करना चाहते थे. शुरू में मुझे मेरे परिवार से कोई परेशानी नहीं थी. लेकिन बाद में उन्होंने मेरी धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगा दी जिसकी वजह से मुझे घर छोड़ना पड़ा.’

हादिया ने बताया कि परिवार के साथ बिताए छह महीने उनके लिए घर में नजरबंद होने जैसे थे. उन्होंने कहा, ‘ऐसे कई लोग, जिन्हें मैं घर में आते नहीं देखना चाहती थी वे मुझे देख कर जाते थे और जिन्हें मैं चाहती थी उन्हें कभी आने नहीं दिया गया. मेरे पिता तक देश-विरोधी ताकतों के हाथों इस्तेमाल हो रहे थे.’

उन्होंने कहा, ‘मीडिया में ऐसी रिपोर्टें आईं थीं कि मैंने अपने माता-पिता से मुआवजा मांगा है. यह पूरी तरह से गलत है. मैंने राज्य सरकार से मुआवजा मांगा है.’