Sunday, January 23, 2022

लंदन में भारत से मणिपुर की आजादी का ऐलान, राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने का मामला दर्ज

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लंदन: मणिपुर के दो असंतुष्ट नेताओं ने राजा लेशेम्बा सनाजाओबा का प्रतिनिधित्व करने का दावा करते हुए मंगलवार को ब्रिटेन में ‘निर्वासन में मणिपुर सरकार’ की शुरुआत की घोषणा कर सियासी खलबची मचा दी। हालांकि राजा लेशेम्बा ने इसकी कड़ी निंदा की है। लेशेम्बा  ने कहा कि मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। ये बहुत हैरान करने वाला है कि उन्होंने मेरा नाम इसमें घसीटा। इससे समाज में नकारात्मकता फैलेगी।

यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए याम्बेन बिरेन ने ‘मणिपुर स्टेट काउंसिल का मुख्यमंत्री’ और नरेंगबाम समरजीत ने ‘मणिपुर स्टेट काउंसिल का रक्षा और विदेश मंत्री’ होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि वे ‘मणिपुर के महाराजा’ की ओर से बोल रहे हैं और औपचारिक तौर पर निर्वासन में ‘मणिपुर स्टेट काउंसिल’ की सरकार शुरू कर रहे हैं।

इस दौरान बीरेन और समरजीत ने दस्तावेज भी पेश किए जिनमें यह दिखाया गया कि इस साल अगस्त में उन्हें राजनीतिक रूप से ब्रिटेन में शरण मिली है। उन्होंने ब्रिटेन में अपनी शरण का दर्जा मिलने के बाद कहा, ‘विधिवत सरकार को मणिपुर से लंदन स्थानांतरित कर दिया गया है।’ उन्होंने कहा, ‘हम मानते हैं कि अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने मणिपुर की स्वतंत्र सरकार को सार्वजनिक करने और मान्यता दिलाने का सही समय है। हम संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों की संप्रभु राज्यों की सभी सरकारों को मान्यता के लिए अपील करते हैं कि आज से यह मणिपुर की निर्वासित सरकार है।’

उन्होंने दावा किया, ‘तीस लाख मणिपुरी लोग अपने मूल राष्ट्र के बतौर मान्यता चाहते हैं। भारत सरकार के साथ बात करने की कोशिश  का जवाब नफरत से मिला।’ उन्होंने यह भी दावा किया कि मणिपुर में न्यायेतर हत्याओं के 1,528 से अधिक मामले भारतीय सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। इन दोनों ने आगे कहा कि ‘मणिपुर में मणिपुर राज्य, मणिपुर राज्य संविधान अधिनियम 1947 के तहत बनाई गई सरकार है। इसे 14 अगस्त, 1947 को ब्रिटिश राज से स्वतंत्रता मिली थी।’

उन्होंने यह भी दावा किया कि 27 दिसंबर 1946 को महाराजा द्वारा परिषद के आदेश पर मणिपुर के संप्रभु राज्य को भारत से बाहर कर दिया गया था और भारत सरकार ने अधिनियम 1949 का उल्लंघन करके भारत के मणिपुर राज्य पर कब्ज़ा कर लिया। दोनों नेताओं ने कहा कि वे महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से अपील करेंगे और प्रिवी काउंसिल से आदेश मिलने के बाद वे संयुक्त राष्ट्र को मान्यता के लिए स्थानांतरित करेंगे। हालांकि इस पर भारतीय उच्चायोग से कोई टिप्पणी नहीं आई है।

इस मामले पर मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने कहा कि सरकार ने इसे बहुत गंभीरता से लिया है और राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने का मामला दर्ज किया है। मामले को तत्काल जांच के लिए स्पेशल क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जानकारी इकट्ठा करने के बाद मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया जाएगा, क्योंकि वे अन्य देशों से काम कर रहे हैं।

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