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देश के अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के प्रसिद्ध संगठन जमात-ए-इस्लामी आज दो भागों में बंट गया है. जमाते इस्लामी हिन्द के कई कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा देते हुए नया संगठन के स्थापना की कोशिशें शुरू कर दी है.

दरअसल, कार्यकर्ताओं में शीर्ष नेतृत्व की मनमानी से काफी दिनों से भारी रोष था. जिसके चलते उन्होंने ये बड़ा फैसला लिया है. कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि जमाते इस्लामी अपने संस्थापक मौलाना अबुल आला अलमौदूदी के विचारों और सिद्धांतों से भटक चुकी है.

हालाँकि इस सबंध में मिल्लत टाइम्स ने जमात के जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने की कोशिश की तो किसी ने फिलहाल कुछ भी कहने से मना कर दिया.

ध्यान रहे  जमात-ए-इस्लामी अंग्रेजी शासनकाल में वजूद में आई थी. जिसका विभाजन देश के विभाजन के साथ हुआ था. लेकिन आज सत्तर सालों के बाद जमात उसी दो राहें पर है.

उत्तर प्रदेश में एक बैठक में अप्रैल 1948 में जमात-ए-इस्लामी हिंद का आधिकारिक रूप से गठन किया गया था. भारत सरकार ने दो बार संगठन पर प्रतिबंध लगाया, हालांकि दोनों फैसलों को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों द्वारा निरस्त कर दिया गया.

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