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मुंबई: मुंबई से सटे नालासोपारा में सनातन संस्था से जुड़े पदाधिकारी वैभव राउत की गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने दो और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों की गिरफ्तारी वैभव से गहन पूछताछ के बाद हुई है। बता दें कि वैभव के घर से बड़ी मात्रा में देशी बम और बम बनाने का सामान बरामद हुआ था।

गिरफ्तार आरोपी वैभव राउत, शरद कलस्कर, सुधन्वा को 18 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। इसके अलावा विस्फोटकों को जांच के लिए मुंबई फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी को सौंप दिया गया है। एक अधिकारी ने कहा, ‘हम इन विस्फोटकों के स्रोत को जानना चाहते हैं और यह भी जानना चाहते हैं कि राउत इनका उपयोग कैसे करने वाला था। इसलिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है।’

वही सनातन संस्था के वकील संजीव पुनेलिकर का कहना है कि वैभव उनके संगठन का सक्रिय सदस्य नहीं है, बल्कि वो उनके संस्था के एक सदस्य का साथी है। उन्होंने आगे बताया, ‘वैभव को पालघर पुलिस ने गोमांस प्रतिबंध मामले के संबंध में तड़ीपार कर रखा था। वो हिंदुत्व का कार्यकर्ता है, लेकिन हमारा सदस्य नहीं है। हालांकि, मुझे एटीएस के दावों पर शक है कि उसके पास विस्फोटक थे।’

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इसके अलावा हिंदू जनजागृती समिति के राज्य संगठक सुनील घनवट के मुताबिक, वैभव राऊत एक सक्रिय गौ रक्षक हैं और “हिंदु गोवंश रक्षा समिती’ में सक्रिय हैं. सभी हिन्दू संगठनों को एकत्रित करने और आंदोलनों में शामिल होते रहे हैं।
लेकिन पिछले कुछ महीनो से वो सक्रिय नहीं थे।

बता दें कि सनातन संस्था से संबंधित लोगों को वाशी, ठाणे, पनवेल (2007) और गोवा (2009) ब्लास्ट में गिरफ़्तार किया जा चुका है। प्रगतिशील लेखक और विचारक नरेंद्र दाभोलकर (2013), गोविंद पानसरे और एमएम कलबुर्गी (2015) और वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्याओं में सनातन संस्था से संबंधित लोगों का नाम सामने आया है।

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