नागपुर. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े दो संदिग्धों को शुक्रवार रात नागपुर के भालदारपुर से गिरफ्तार किया गया। संयुक्त रूप से यह कार्रवाई मुंबई पुलिस की स्पेशल सेल और नागपुर एटीएस ने की। दावा किया जा रहा है कि अभी भी तीन एजेंट इलाके में सक्रिय हैं।

पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्ध कुछ दिन से नागपुर में रह रहे थे। उनके घर से बरामद चीजों की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई सेना की खुफिया विभाग से मिली जानकारी के आधार पर की गई है। एजेंट शहर में रहकर आतंकियों का स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे।

इससे पहले अक्टूबर में यूपी एटीएस और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अक्टूबर में नागपुर की ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट से एक इंजीनियर निशांत अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया था। निशांत अग्रवाल फेसबुक पर ‘नेहा शर्मा’ और ‘पूजा रंजन’ नाम से चल रहे दो फर्जी एकाउंट के जरिये पाकिस्तान के संदिग्ध खुफिया सदस्यों से संपर्क में था। इतना ही नहीं उसके फोन से पाकिस्तान में कई कॉल्स भी किए गए थे।

निशांत अग्रवाल चार सालों से ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट के प्रोजेक्ट में काम कर रहा था। उसे युवा वैज्ञानिक पुरस्कार भी मिल चुका है। उसके फेसबुक अकाउंट पर इसकी तस्वीर भी है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी कुरुक्षेत्र से इंजीनियरिंग कर चुके निशांत आईआईटी रूड़की में रिसर्च इंटर्न रह चुका हैं।

बता दें कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस का गठन भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और रूस के ‘मिलिट्री इन्डस्ट्रीयल कंसोर्टियम’ (एनपीओ मशिनोस्त्रोयेनिया) के बीच संयुक्त उद्यम के रूप में किया गया है। भारत और रूस के बीच 12 फरवरी, 1998 को हुए एक अंतर-सरकारी समझौते के माध्यम से यह कंपनी स्थापित की गई थी।

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