Tuesday, August 3, 2021

 

 

 

तिरंगा लेकर CAA का विरोध कर रहे मुस्लिम किशोर की हिंदुवादियों ने की हत्या

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बिहार में संशोधनित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ बुलाए गए राजद के बंद के दौरान पिछले 9 दिनों से लापता फुलवारीशरीफ के हारून नगर के रहने वाले 18 वर्षीय आमिर हंजला का शव बरामद हुआ है। पुलिस ने इस हत्या के मामले में हिन्दूवादी संगठनों से जुड़े लोगों समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।

पटना की फुलवारी शरीफ पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, हिन्दू पुत्र संगठन के कार्यकर्ता नागेश सम्राट (23 वर्ष) और हिन्दू समाज संगठन के कार्यकर्ता विकास कुमार (21 वर्ष) को आमिर हंजला (18 वर्ष) की हत्या के मामले में आरोपित किया गया है। इनके अलावा दीपक महतो, छोटू महतो, सनोज महतो उर्फ धेलवा और रईस पासवान को भी पुलिस ने हत्या के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये सभी अपराधी हैं।

फुलवारी शरीफ पुलिस स्टेशन के इंचार्ज रफीकुर रहमान ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि “हमारी जांच में पता चला है कि जब CAA का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने तितर-बितर किया तो पीड़ित आमिर भी प्रदर्शन छोड़कर भाग गया, लेकिन कुछ लड़कों ने उसे संगत गली में पकड़ लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, ईंटों और नुकीली चीजों से वार कर आमिर की हत्या की गई। आमिर के सिर में चोट के निशान मिले हैं, वहीं उसके शरीर पर भी कटे के निशान पाए गए हैं। उसके पेट में भी काफी रक्त इकट्ठा पाया गया है, जिससे पता चलता है कि उसे अंदरुनी ब्लीडिंग हुई थी।”

दिप्रिंट से बात करते हुए आमिर के पिता मोहम्मद सुहैल बताते हैं, ‘आमिर को एनआरसी या सीएए से कोई मतलब नहीं है। ना ही सियासत समझता है। पांचवीं कक्षा तक ही पढ़ा है और उसके बाद एक बैग सिलने वाली दुकान पर काम कर रहा है। 21 दिसंबर को भी वो उत्साही होकर रैली वाली भीड़ में शामिल हो गया था।’

जिस दुकान पर आमिर काम करता था उस दुकान के मालिक छोटूभाई भी उस दिन प्रोटेस्ट में शामिल हुए थे। वो पूरा वाकया बताते हैं, ‘रैली शहीद चौक से शुरू होते हुए थाना गोलंबर के पास पहुंची थी। कुछ मीडिया वाले आए और राजद के नेता खालिद का इंटरव्यू करके चले गए। भीड़ वहीं बैठ गई। मैं घर लौट आया। करीब 12:30 बजे मेरे पास फोन आया कि सामने सैकड़ों लोगों की भीड़ आई और प्रदर्शनकारियों से भिड़ गई। प्रदर्शनकारियों का विरोध करनेवाले लोगों ने गोलियां भी चलाईंमैंने तुरंत जान पहचान वालों को फोन किया। मुझे याद आया कि आमिर को भी देखा था रैली में। उसका नंबर डायल किया तो बंद आया। मैंने उसके परिवार वालों को फोन कर सूचित किया।’

आरोपियों की निशानदेही पर शव बरामद

पुलिस सूत्रों ने बताया कि अमीर हंजला केस में पहली लीड 30 दिसंबर को मिली, जब तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनसे पूछताछ की गई, तो उन्होंने अमीर हंजला की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।उनकी स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस अमीर के पिता सुहैल के पास गए और शव की बरामदगी की सूरत में शिनाख्त करने के लिए अपने साथ चलने को कहा।

सुहैल बताते हैं, ‘30 दिसंबर की रात करीब 11 बजे पुलिस कर्मचारी मेरे घर आए और मुझे अपने साथ चलने को कहा। इसके बाद वे काफी समय तक जलाशय में शव ढूंढते रहे। 31 की सुबह 6 बजे के करीब शव की बरामदगी हुई। शव पूरी तरह सड़ चुका था, लेकिन मैंने उसकी शिनाख्त कर ली।’

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