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देश की राजधानी दिल्ली में तुगलक शासनकाल के मकबरे को मंदिर में बदल दिया गया. जिस पर न केवल दिल्ली पुलिस ने बल्कि केजरीवाल सरकार ने भी अपनी आँखें बंद की हुई है.

सफदरजंग एन्क्लेव स्थित हुमायूंपुर गांव में स्थित ‘गुमटी’ नाम के इस मकबरे को राज्य सरकार ने स्मारक का दर्जा दिया है. बावजूद इस को सफेद और भगवा रंग से रंग दिया गया और अंदर मूर्तियां रख दी गईं. इस मामले में दिल्ली सरकार के पुरातत्व विभाग ने चुप्पी साध रखी है.

वहीं, दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि ‘मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. मैं संबंधित विभाग को कहूंगा कि वे जांच करके मुझे रिपोर्ट भेजें.’

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इसके अलावा INTACH दिल्ली के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अजय कुमार ने कहा, ‘इस स्मारक पर ताला लगा था. हम स्थानीय लोगों के विरोध की वजह से अपना काम नहीं शुरू कर सके. हम पुलिस के पास भी गए, लेकिन बात नहीं बनी. अब यह मंदिर बन गया है और हमने इस स्मारक को खो दिया है.’

INTACH दिल्ली चैप्टर की कन्वीनर स्वपना लिडल ने कहा, ‘एक स्मारक को धार्मिक प्रतिष्ठान में बदलना जमीन कब्जाने का मामला है. सबसे आसान तरीका यही होता है कि इसे मंदिर या मजार में बदल दो. हम स्मारक के रखवाले नहीं हैं. हम बस इनकी मरम्मत करते हैं. इसकी हिफाजत राज्य सरकार को करनी चाहिए और उसके बाद ही हमें सौंपना चाहिए.’