Friday, October 22, 2021

 

 

 

सामने आई भारत के मुसलमानों की आबादी की सच्चाई, 2011 की जनगणना में मुताबिक आबादी में आई कमी

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इन दिनों मुसलमानों की बढ़ती आबादी को खतरा बताने वाले ब्यान फिर से चर्चा में है. राजस्थान में भाजपा के एक विधायक बनवारी लाल सिंह को मुसलमानों की बढ़ती आबादी का खौफ सताने लगा है. वहीँ उन्होंने कहा कि उन्हें मुसलमानों से खतरा है और उन्हें लगता है कि कुछ सालों बाद मुसलमान देश पर कब्ज़ा कर लेंगे.

यह मामला सिर्फ एक ब्यान का नहीं है बल्कि इससे पहले भी कई इस तरह के मामले सामने आयें है जिनमें मुसलामानों की बढ़ती आबादी के डर का ज़िक्र किया गया है.कुछ दिन पहले ही एक जैन धर्म के धार्मिक नेता का एक  वीडियो वायरल हुआ जिसमें इस धार्मिक नेता ने मुसलमानों के घर में ज्यादा बच्चे पैदा होने पर घेहरा दुख ज़ाहिर किया है.

इससे पहले भी भारत के ग्रहमंत्री और आरएसएस के नेता ने भी मुसलमानों की बढ़ती आबादी के लिए अपनी चिंता ज़ाहिर की थी. संघ परिवार से जुड़े नेता भी मुसलमानों की बढ़ती आबादी पर घेहरा अफ़सोस जताया है. नेताओं की चिंता की वजह मुस्लिम महिलाओं का ज्यादा बच्चे पैदा करना है.

muslim people praying
source: Youtube

यह बात सिर्फ मुसलमानों पर ही खत्म नहीं होती. कुछ लोग तो ऐसे भी है जो  आगे आकर कहते है कि अगर मुसलमानों की आबादी को रोका नहीं गया और  अगर हिन्दुओं की आबादी को बढ़ाया नहीं गया तो मुसलमान का देश पर तरह से कब्ज़ा हो जाएगा.

अगर इन ब्यानों की बात करें तो देखा जा सकता की चुनाव के मौके पर ही ऐसे ब्यान ज्यादा आग पकड़ते है. लेकिन 2011 के जनगणना का आंकड़ा बताते हैं कि भारत में हिन्दुओं ही नहीं, बल्कि मुसलमानों, ईसाईयों, बोद्ध, सिखों और जैनों की भी आबादी के बढ़ोतरी की दर में गिरावट देखी गयी है.

 

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