उत्तरी त्रिपुरा जिले के पानीसागर में केंद्र सरकार के ब्रू शरणार्थियों के पुनर्वास के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन उस वक्त हिंसक हो गया है जब प्रदर्शनकारी असम-अगरतला राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर रहे थे। प्रदर्शन उग्र होने पर पुलिस ने फायरिंग कर दी। जिसमे अब तक दो लोगों की मौत की खबर है।

प्रदर्शन में मारे गए शख्स की पहचान श्रीकांत दास के तौर पर हुई है। जबकि झड़प को शांत कराने पहुंचे एक दमकलकर्मी- बिस्वजीत देववर्मा की आज सुबह मौत हुई। इसके अलावा 15 पुलिस- दमकलकर्मियों और 7 लोगों समेत कुल 22 लोग घायल हो गए।

बता दें कि यह प्रदर्शन पिछले पांच दिनों से जारी है। राज्य सरकार ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिये है। साथ ही मृतकों के परिवारों के लिए 5-5 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया है। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि प्रदर्शनकारियों द्वारा तीन सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की गई।

जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि संयुक्त आंदोलन समिति, जो ब्रू शरणार्थियों के फिर से बसने का विरोध कर रही है, उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग की नाकाबंदी का आह्वान किया। नाकाबंदी को रोकने के लिए सुबह से ही पुलिस और टीएसआर को तैनात किया गया था।

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ब्रू शरणार्थियों के प्रतिनिधियों ने इस साल जनवरी में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब और मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा की मौजूदगी में शरणार्थी संकट के समाधान और उनको स्थायी तौर पर त्रिपुरा में बसाने के लिए दिल्ली में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत 600 करोड़ रुपए का पैकेज दिया गया है।

समझौते के मुताबिक शरणार्थियों को एक आवासीय प्लॉट दिया जाएगा और परिवार के नाम पर चार लाख रुपए का फिक्स डिपाजिट किया जाएगा। साथ ही हर परिवार को मासिक पांच हजार रुपए की नकद सहायता दी जाएगी। यही नहीं, समझौते में अगले दो वर्षों मुफ्त राशन के अलावा मकान बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपए देने का भी प्रावधान रखा गया है।

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