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नई दिल्ली | पुरे देश में दीपावली का त्यौहार बड़े ही धूमधान से मनाया जा रहा है. लेकिन दिल्ली-एनसीआर वालो की यह दिवाली थोड़ी शांत रहने वाली है. वो इसलिए क्योकि सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री और भण्डारण पर रोक लगा दी है. पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने देश की राजधानी में बढ़ते प्रदूषण का हवाला देते हुए 31 अक्टूबर तक पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी. तब से ही पुरे देश में इस फैसले के ऊपर बहस छिड़ी हुई है.

कुछ लोग इसे भी हिन्दू मुस्लिम रंग देने की कोशिश में लगे हुए है. उनका कहना है की कोर्ट को केवल हिन्दुओ के त्यौहार ही दिखाई देते है. चाहे जन्माष्टमी पर दही हांड़ी हो या फिर दिवाली पर पटाखे. ऐसे लोगो के बीच सबसे हैरान कर देने वाली प्रतिक्रिया त्रिपुरा के राज्यपाल की और से आई. एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा की हो सकता है की आगे हिन्दुओ की चिता जलाने पर भी याचिका दाखिल हो जाये.

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त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत राय के इस बयान पर अभी विवाद थमा भी नही था की उन्होंने मंगलवार को एक के बाद कई ट्वीट कर नए विवाद को जन्म दे दिया. उन्होंने अपने ट्वीट के जरिये मस्जिद पर होने वाली अजान पर ही सवाल उठा दिए. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा,’ हर दिवाली पर पटाखों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर विवाद शुरू हो जाता है, जो साल में कुछ ही दिन जलाए जाते हैं. लेकिन रोज सुबह 4.30 बजे लाउडस्पीकर पर अजान को लेकर कोई लड़ाई नहीं होती.’

अपने अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा,’ लाउडस्पीकर पर अजान से होने वाले प्रदूषण पर सेक्युलर लोगों की चुप्पी ने मुझे हैरान करती है. कुरान या किसी हदीस में लाउडस्पीकर पर अजान की बात नहीं कही गई है.’ अगले ट्वीट में उन्होंने लाउड स्पीकर को इस्लाम में हराम बताते हुए लिखा की मुअज्जिन को मीनर पर तेज आवाज में अजान करना होता है ऐसे में मीनारें बनाई गई है, लाउडस्पीकर का प्रयोग इस्लाम के खिलाफ हैं.

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