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केरल के बहुचर्चित सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं की एंट्री को लेकर जारी विवाद के बीच शुक्रवार को मंदिर के द्वार फिर खुल चुके हैं। इस बीच भूमाता ब्रिगेड की संस्‍थापक और सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई पुणे से कोच्चि पहुंच गईं है। हालांकि इसी बीच आरएसएस और बीजेपी ने बड़े पैमाने पर विरोध शुरू कर दिया है।

बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारी तृप्ति देसाई का विरोध कर रहे हैं, इसलिए उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया है। एएनआई ने ट्वीट कर बताया कि भूमाता ब्रिगेड की फाउंडर तृप्ति देसाई को कोच्चि एयरपोर्ट के अंदर ही रुकना पड़ा क्योंकि एयरपोर्ट के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने एक्जिट ब्लॉक कर दिया।

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देसाई ने बुधवार को कहा था कि वह शनिवार को 10 से 50 की आयु वर्ग (पहले निषिद्ध) की छह अन्य महिलाओं के साथ सबरीमला मंदिर जाएंगी। उन्होंने अपनी इस यात्रा के लिए उन्होंने पुलिस प्रोटेक्शन भी मांगा था उन्होंने कहा था कि अगर जत्थे पर हमला हुआ तो इसके लिए केरल के डीजीपी और मुख्यमंत्री पिनरई विजयन जिम्मेदार होंगे।

देसाई ने मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को एक ईमेल भेजकर सुरक्षा मांग की है क्योंकि उन्हें मंदिर जाने के दौरान अपने ऊपर हमला होने का डर है। तृप्ति ने कहा है, ‘हम सबरीमला मंदिर में दर्शन के बिना महाराष्ट्र नहीं लौटेंगे। हमें सरकार पर विश्वास है कि वह हमें सुरक्षा मुहैया कराएगी। मुझे बहुत सी धमकियां मिली हैं लेकिन हम हिंसा के आगे नहीं झुकेंगे।’

बता दें कि शनि शिंगणापुर मंदिर, हाजी अली दरगाह, महालक्ष्मी मंदिर और त्र्यम्बकेश्वर शिव मंदिर समेत कई धार्मिक सथानों पर महिलाओं को प्रवेश देने के अभियान का नेतृत्व करने वाली देसाई ने केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन को ई-मेल लिखकर सुरक्षा मांगी थी क्योंकि उन्हें मंदिर जाने के दौरान हमले का डर था।

उन्होंने कहा, ‘‘हम सबरीमाला मंदिर में दर्शन किये बिना महाराष्ट्र नहीं लौटेंगे। हमें सरकार पर भरोसा है कि वह हमें सुरक्षा मुहैया कराएगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह राज्य सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी है कि सुरक्षा मुहैया कराई जाए और हमें मंदिर ले जाया जाए क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दे दी है।’’

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