तीन तलाक को गैर कानूनी और गैर जमानती अपराध बनाने वाले बिल को लोकसभा से पारित कराने के बाद आज यानि मंगलवार को मोदी सरकार राज्यसभा में पेश करेगी.

मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक-2017 (The Muslim Women (Protection of Rights on Marriage) पर आज असल में कांग्रेस की परीक्षा होगी. दरअसल देश के अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय की निगाह आज कांग्रेस पर है. साथ ही मोदी सरकार का राज्यसभा में बहुमत भी नहीं है.

सूत्रों के अनुसार ऊपरी सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने राज्यसभा में विधेयक पेश किये जाने से पहले अपनी पार्टी के नेताओं और अन्य पार्टी के नेताओं की संसद में अपने चैंबर में एक बैठक बुलाई है.

बताया जा रहा है कि कांग्रेस विधेयक के पक्ष में है क्योंकि इसमें एक साथ तीन तलाक पर रोक लगाने का प्रस्ताव है लेकिन क्या वह उसे प्रवर समिति को भेजने के लिए दबाव डालेगी या नहीं यह आज पता चलेगा. सूत्रों ने बताया कि पार्टी विधेयक में संशोधनों के लिए जोर डाल सकती है.

तृणमूल कांग्रेस ने भी लोकसभा में विधेयक पर तटस्थ रुख अपनाया था. लेकिन वह विधेयक के इस पक्ष में नहीं है. राज्यसभा में उसके 12 सांसद हैं. इस यदि सदन में इस बात पर राय बनती है कि विधेयक को संसदीय समिति या सेलेक्ट कमेटी में भेजा जाए तो वह इसका समर्थन कर सकती है.

राज्यसभा में अभी कांग्रेस-57, बीजेपी-57, सपा-18, अन्नाद्रमुक-13, तृणमूल-12, बीजद-8, वामदल-8, तेदेपा-6, एनसीपी-5, द्रमुक-4, बसपा-4, राजद के 3 सदस्य हैं. भाजपा के पास सहयोगी दलों के 20 सांसद हैं. राज्यसभा में 238 सदस्य हैं.

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