लोकसभा में पारित हो चूका ट्रिपल तलाक पर मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक-2017 (The Muslim Women (Protection of Rights on Marriage) बुधवार को राज्यसभा में पेश हो सकता है.

इसी बीच 8 पार्टियों ने इस बिल को सिलेक्ट कमेटी को भेजे जाने की मांग की है. CPI, CPIM, DMK, AIADMK, BJD, AIADMK, NCP और सपा के नेताओं ने राज्यसभा के सभापति के साथ मुलाकात कर बिल को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजे जाने की मांग की है.

पार्लियामेंट्री अफेयर मिनिस्टर अनंत कुमार ने कहा, हम ट्रिपल तलाक बिल पर कांग्रेस और बाकी दूसरी पार्टियों से बातचीत कर रहे हैं. उम्मीद करते हैं कि राज्यसभा में इसे पास कराने में दिक्कत नहीं होगी। इसे कल राज्यसभा में पेश कर सकते हैं.

सीपीआई सांसद डी. राजा ने कहा, यह आज के लिए लिस्टेड था. जहां तक लेफ्ट पार्टियों का संबंध है, हमारी मांग है कि इसे स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाए. डीएमके सांसद कनिमोझी ने भी कहा, इसे सिलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए.इसके अलावा शरद पवार की पार्टी एनसीपी के सांसद माजिद मेमन ने भी यह मांग रखी.

हालाँकि विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस ट्रिपल तलाक बिल पर अब तक फैसला नहीं ले पाई है. नियन मिनिस्टर मुख्तार अब्बास नकवी ने ट्रिपल तलाक बिल के मसले पर कहा कि कांग्रेस इसे लेकर कन्फ्यूज है. नकवी ने कहा, मुस्लिम महिलाएं इस बिल को लेकर खुश हैं तो फिर कांग्रेस दुखी क्यों है? कांग्रेस एक कदम आगे जाती और फिर 10 कदम पीछे हट जाती है.

ध्यान रहे ट्रिपल तलाक पर बिल पर कांग्रेस का असल इम्तिहान है. दरअसल देश के अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय की नजरे कांग्रेस के कदम पर टिकी है. राज्यसभा में अभी कांग्रेस-57, बीजेपी-57, सपा-18, अन्नाद्रमुक-13, तृणमूल-12, बीजद-8, वामदल-8, तेदेपा-6, एनसीपी-5, द्रमुक-4, बसपा-4, राजद के 3 सदस्य हैं. भाजपा के पास सहयोगी दलों के 20 सांसद हैं. राज्यसभा में 238 सदस्य हैं.

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