बीफ पर लिखी दो साल पुरानी फेसबुक पोस्ट को लेकर आदिवासी लेक्चरर गिरफ्तार

11:18 am Published by:-Hindi News

चेन्नई में एक बीफ पार्टी के समर्थन में दो साल पहले फेसबुक पर एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट लिखने वाले झारखंड के एक शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी राज्य के एक सरकारी कॉलेज में शिक्षक है।

झारखंड पुलिस का दावा है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बाद आरोपी लापता हो गया था। यह मामला सामने आने के तुरंत बाद ही उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया था। जानकारी के अनुसार जमशेदपुर कोऑपरेटिव कॉलेज में अनुबंध पर कार्य कर रहे जीतराई हांसदा को पुलिस ने शनिवार की रात साकची इलाके के एक गांव से गिरफ्तार किया।

इस संबंध में साकची पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी राजीव सिंह ने बताया, ‘हांसदा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और आईटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया अभी चल रही है।’

अधिकारी ने बताया कि शिक्षक ने आईआईटी-मद्रास के छात्रों द्वारा आयोजित एक बीफ पार्टी के समर्थन में कथित रूप से एक पोस्ट लिखी थी, जिसे लेकर आरएसएस की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। एबीवीपी की शिकायत पर ही कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शिक्षक का गिरफ्तार कर किया है।

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हांसदा ने अपनी पोस्ट में लिखा था, ‘‘जानवरों की कुर्बानी और बीफ खाना आदिवासी त्योहार जोहर डांगरी मैदान का हिस्सा है। यह आदिवासियों का सांस्कृतिक अधिकार है।’’ कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, टीचर ने गोवंश के वध के खिलाफ कानून की आलोचना की थी। साथ ही, पूछा था कि आदिवासियों को ‘हिंदुओं की तरह’ क्यों रहना चाहिए?

हंसदा की गिरफ्तारी को लेकर सिंहभूम पूर्व के सीनियर एसपी अनूप बिरथ्रे ने बताया कि चार्जशीट फाइल होने के बाद से वह लापता था। वहीं, हंसदा के वकील शादाब अंसारी ने पुलिस के दावे की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया है कि अप्रैल में हंसदा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई थी। उस वक्त कहा गया था कि अगर वह लापता है तो उसे अग्रिम जमानत नहीं मिल सकती है।

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