तीन तलाक के मुद्दें पर हुई आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की दो दिन की बैठक में तीन तलाक के लिए कोड ऑफ कंडक्ट बनाने का फैसला लिया गया था. बोर्ड ने नया कोड ऑफ कंडक्ट जारी कर दिया हैं. जिसके आधार पर भी कोई भी शोहर अपनी बीवी को एक साथ तीन तलाक नहीं दे पायेगा.

कोड ऑफ कंडक्ट के अनुसार, तीन तलाक का दुरूपयोग करने वालों की अब खेर नहीं होगी. तीन तलाक का दुरूपयोग करने वाले का नाम मस्जिद में किया जाएगा. वहीँ उसे कतई ताल्लुक करने के लिए स्थानीय मुफ़्ती भी फतवा जारी करेंगे. यानि कि उसका मुफ़्ती के फतवे के आधार पर मस्जिद से सामजिक बहिष्कार का ऐलान होगा.

बोर्ड के सदस्य कमाल फारुकी ने बताया कि निर्णय के तहत तुरंत तीन तलाक बोलने वाले का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा. जिस तरह से पहले गांव और बिरादरी की पंचायत में सामाजिक बहिष्कार का फैसला लिया जाता था, उसी तरह से तुरंत तीन तलाक बोलने पर ये फैसला लिया जाएगा.

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बताया गया कि जल्द ही बोर्ड द्वारा लिए गए फैसले की कॉपी स्थानीय स्तर पर सभी मौलाना, मुफ्ती, काजी और मस्जिदों के इमाम साहब को भेज दी जाएगी. इन सभी को हक होगा कि ये मामले को सुनने के बाद लड़की पक्ष को बता सकेंगे कि हां अब दोषी लड़के के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार का ऐलान किया जा सकता है.

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