गुलबर्ग सोसाइटी दंगो में साबित 24 मुजरिमो को आज एसआईटी की स्पेशल अदालत सजा सुना सकती हैं. 2 जून को हुयी सुनवाई में एसआईटी की अदालत ने 24 आरोपियों को दोषित ठहराया था जबकि 36 को बरी कर दिया था. आज अभियोजन पक्ष हत्या के केस में आरोपी ठहराए गए 11 लोगो के लिए फांसी की मांग करेंगे वही बचाव पक्ष उनके लिए नरमी बरतने की मांग अदालत के सामने रखेंगे.

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आपको बता दे कि इस हत्याकांड में पूर्व कांग्रेस सांसद अहसान जाफरी सहित 69 लोगो की मौत हो गयी थी. जिसके चलते एसआईटी की स्पेशल अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए 66 आरोपियों में से 24 को दोषी ठहराया था. और सजा घोषित करने कि लिए आज का दिन मुक़र्रर किया था.

इससे पहले आरोपियों के रिहा होने पर क्या कहा एहसान की पत्नी ने-

ज़किया जाफरी ने 36 आरोपियों के बरी होने पर अफ़सोस जताया. और कहा कि मैं अपनी लड़ाई आगे भी जारी रखूंगी. वही उनकी बहू दुरैया जाफरी ने कहा कि 36 लोगों को किस आधार पर छोड़ा गया. वकीलों से बात करके फैसले को चुनौती देंगे.

ज़किया का संघर्ष-
एहसान जाफरी कि विध्वाह ज़किया की न्याय के लिए लड़ाई जारी हैं. एसआईटी से लेकर इस केस के लिए कोर्ट तक जा पहुँची. अपने शहर, घर और पति को खोने के बावजूद 77 साल की ज़किया ने अभी भी हार नहीं मानी है. उनका कहना है कि वह न्याय के खातिर आखिर सांस तक लड़ूंगी.

क्या था गुलबर्ग सोसाइटी हत्याकांड-

28 फ़रवरी 2002 को गोधरा दंगो के दौरान, गुस्साई भीड़ ने गुलबर्ग सोसाइटी पर हमला कर दिया था, जिसमे कांग्रेस पूर्व सांसद एहसान जाफरी सहित 69 मासूम लोगो कि मौत हो गयी थी.

Web-Title: Today would be a judgement day for gulberg

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