इस्लामी मत समन्वय संघ के महासचिव ने इस्लामिक जगत में बढ़ रही फूट के पीछे अमेरिका और इस्राईल को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि दोनों देशों ने हमेशा से ही स्लामी जगत में फूट डालने की साजिश की हैं और वे अब अपनी पूरी ताकत के साथ इस्लामी जगत में फूट डालने का काम कर रहे हैं.

हैदराबाद में शिया व सुन्नी मत के धर्मगुरुओं से मुलाक़ात में आयतुल्लाह मोहसिन अराकी ने कहा कि क़ुरआन और पैग़म्बरे इस्लाम के रास्ते पर चलते हुए आज इस्लामी समाज का कर्तव्य बनता है कि वह मुसलमानों के बीच एकता लाने और दुश्मनों के सांस्कृतिक प्रभाव को रोकने के लिए कोशिश करे.

महासचिव ने कहा कि भारत का इस्लामी समाज और शिया व सुन्नी धर्मगुरु इस्लामी जगत में एकता के लिए बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं. हज़रत फ़ातेमा ज़हरा कांफ्रेंस में भाग लेने आये अराकी ने कहा कि इस्लामी जगत में एकता का केंद्र पैग़म्बरे इस्लाम के अहले बेत हैं  और हज़रत फ़ातेमा ज़हरा की हैसियत इसमें प्रमुख हैं.

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उन्होंने कहा कि इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह के नेतृत्व में इस्लामी क्रान्ति की सफलता और फिर वरिष्ठ नेता के हाथ में इस क्रान्ति का नेतृत्व इस्लामी जगत की अहम घटना है कि इस घटना से वास्तविक इस्लाम की ओर रुझान बढ़ा है.

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