रहस्यमय तरीकें से अचानक चार महीने पहले दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविधालय (जेएनयू) से लापता हुए छात्र नजीब अहमद की वापसी को लेकर संसद में आवाज उठी. तृणमूल कांग्रेस के सांसद विवेक गुप्ता ने शून्यकाल के दौरान नजीब की वापसी के लिए सीबीआई जांच की मांग उठाई.

TMC सांसद ने नजीब की गुमशुदगी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध की घटनाओं में वृद्धि हो रही है और नजीब के मामले में भी कारण यही है. उन्होंने सरकार से पूछा कि 5 अक्तूबर से लापता नजीब को खोजने के लिए क्या कोई विशेष कदम उठाए गए हैं.

जेएनयू प्रशासन पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए गुप्ता ने कहा कि क्या नजीब लापता व्यक्तियों के आंकड़ों का एक हिस्सा बन कर रह जाएगा. उन्होंने कहा कि इस घटना में कथित तौर पर संलिप्त ABVP छात्रों से अब तक कोई पूछताछ तक नहीं की गई.  यहां तक कि जेएनयू के कुलपति ने नजीब की मां से मिलने से भी इंकार कर दिया.

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गुप्ता ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का मामला करार देते हुए कहा कि हम देख रहे हैं कि देश में राजनीतिक प्रतिशोध कैंसर की तरह फैल रहा है. उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार को इस मामले की जांच सीबीआई या अन्य समुचित एजेंसी से करानी चाहिए ताकि नजीब का पता लगाया जा सके.

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