देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को टाइम मैग्जीन ने अपना कवर पेज समर्पित करते हुए आंदोलनकारी महिलाओं को जगह दी है।

कवर पेज पर आंदोलनकारी महिलाओं की तस्वीर के साथ लिखा है – ‘भारत के किसान विरोध के मोर्चे पर।’ पत्रिका में बताया गया है कि महिला किसानों ने कैसे केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

टाइम पत्रिका ने अंदर खबर की शीर्षक दी है “हमें डराया नहीं जा सकता और ना ही खरीदा जा सकता.. भारत के किसानों के विरोध का नेतृत्व करने वाली महिलाएं..”

टाइम मैग्जीन के कवर पर कुछ महिला किसानों को उनके युवा बच्चों को अपनी बाहों में लिए नारेबाजी करते हुए दिखाया गया है। आर्टिकल में लिखा गया कि ज्यादातर महिलाएं पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों से पहुंची थी।

टाइम मैगजीन ने आगे लिखा है कि ये महिलाएं इस बात से हैरान थीं कि वे दिल्ली के आसपास के विरोध स्थलों पर खाना पकाने और सफाई की सेवाएं देने वाली कार्यकर्ता थीं, न कि आंदोलन में बराबर की हिस्सेदारी रखने वाली।

टाइम मैगजीन ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा है, ”टाइम का नया इंटरनेशनल कवर- मैं डराई नहीं जा सकती और न ही खरीदी जा सकती।” मैगजीन ने कवर पेज पर तस्वीर में जिन महिलाओं को जगह दी है, उसमें 41 वर्षीय अमनदीप कौर, किरनजीत कौर, गुरमर कौर, जसवंत कौर, सुरजीत कौर, दिलबीर कौर, सरजीत कौर, बिन्दु अम्मां, उर्मिला देवी, साहुमति पाधा, हीराथ झाड़े, सुदेश गोयत शामिल हैं।