दैनिक जागरण समूह के समाचार पत्रों और ऑनलाइन पोर्टल पर यूपी में पहले चरण के चुनाव के बाद एग्जिट पोल प्रकाशित करने के मामलें में निर्वाचन आयोग के आदेश के बाद पुलिस ने जागरण ऑनलाइन हिंदी के संपादक शेखर त्रिपाठी को गिरफ्तार कर चुकी हैं. अब इस मामलें में एक नया खुलासा हुआ हैं.

दैनिक जागरण ने जिस एजेसी का नाम लेकर पोल को प्रकाशित किया है उसने किसी प्रकार के ऐसे एग्जिट पोल कराने से ही इनकार कर दिया है. दैनिक जागरण ने रिसोर्स डिवेलपमेंट इंटरनैशनल प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी का हवाला दिया था. रिसोर्स डेवलपमेंट इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड एजेंसी ने पुलिस को बताया है कि उसने दैनिक जागरण के लिए कोई सर्वे नही किया और न ही उसने दैनिक जागरण को प्रकाशन के लिए कोई एग्जिट पोल मुहैया कराया.

https://twitter.com/Rohinisgh_ET/status/831213371991011328

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याद रहें चुनाव आयोग द्वारा जारी डायरेक्टिव के अनुसार जन-प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत आयोग द्वारा तय अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के एग्जिट पोल का संचालन और प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा इसका प्रकाशन या प्रचार या किसी भी अन्य तरीके से उसका प्रसार प्रतिबंधित रहता है. उत्तर प्रदेश चुनाव में यह प्रतिबंध 4 फरवरी की सुबह सात बजे से लेकर 8 मार्च की शाम साढ़े पांच बजे तक लागू है.

https://twitter.com/Rohinisgh_ET/status/831204406011977728

दैनिक जागरण ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद रिसोर्स डेवलपमेंट इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के एग्जिट पोल के नतीजे अपनी वेबसाइट में छापे थे. जिस पर संज्ञान लेते हुए सोमवार को दैनिक जागरण और एजेंसी के खिलाफ़ उत्तर प्रदेश के 15 ज़िलों में एफ़आईआर दर्ज करने का आदेश दिया था.

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