लखनऊ नदवा कॉलेज में आयोजित ऑल इंडिया मु‌स्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक समाप्त हो गई हैं. बैठक में फैसला हुआ कि तलाक शरीया कानून के मुताबिक ही होगी. इस में कोई बदलाव नहीं होगा.

बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया कि अगर तीन तलाक शरीया के अनुसार नहीं है तो तलाक देने वाले का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा. इस मौके पर मौलाना वलीम रहमानी ने कहा, “पर्सनल लॉ बोर्ड का मानना है कि तीन तलाक औरत को मुश्किलों से बचाने के लिए है। हम दूसरे मजहब में दखल नहीं करते हैं, तो दूसरा मजहब भी हमारे मामले में दखल ना दे. तलाक का मामला शरीयत के हिसाब से ही रहेगा। जब कोर्ट का फैसला आएगा, तब हम उसे देखेंगे.”

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इसके अलावा उन्होंने कहा कि ट्रिपल तलाक मामले में अगर कोड ऑफ़ कंडक्ट को फॉलो नहीं किया गया है या शरिया में बताए गए कारणों के अलावा यदि कोई अन्य बहाने से तीन तलाक देता है, तो उसका सोशल बायकॉट किया जाएगा.

मौलाना वलीम रहमानी ने कहा, “अगर शरियत के हिसाब से व्हाट्सएप्प, पोस्टकार्ड, कुरियर से भी तलाक भेजा गया, तो वो मान्य होगा. जिस तरह से शादी के लिए पोस्टकार्ड से दावतनामा भेजा जाता है, वो भी माना जाता है. इसी तरह अगर कोई किसी माध्यम का प्रयोग करते हुए तलाक देता है तो वह भी जायज होगा.”

बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसन नदवी ने बैठक में साफ कर दिया कि बोर्ड शरई मामलों में सरकार का दखल बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने कहा, धार्मिक आजादी हमारा संवैधानिक अधिकार है. इस पर सरकारी दखल हमें मंजूर नहीं.

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