Sunday, September 19, 2021

 

 

 

तीन तलाक मुसलमानों का अंदरूनी मसला, हालांकि मुस्लिम समाज को गंभीरता से सोचने की जरूरत: RSS

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तीन तलाक को लेकर चल रहें घमासान के बीच आखिरकार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) भी इस मामले में कूद ही गया हैं. संघ ने मंगलवार को कहा कि तीन तलाक के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए.

आरएसएस के अखिल भारतीय महासचिव भैयाजीजोशी ने हैदराबाद में संवाददाताओं से कहा, ‘‘तीन तलाक का मुद्दा मुसलमानों का आंतरिक मामला है और इस संदर्भ में मुस्लिम समुदाय को गंभीरता से सोचना चाहिए. मुस्लिम महिलाएं इस मुद्दे पर अदालत गई हैं. वर्तमान युग में लिंग आधारित कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए. तीन तलाक के मुद्दे पर महिलाएं अदालत में गई हैं और हम आशा करते हैं कि उनको उचित न्याय मिलेगा.’’

संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी परिषद की बैठक के आखिरी दिन जोशी ने कहा, ‘‘मुस्लिम समुदाय को इस पर सोचना और फैसला करना चाहिए. हमें लगता है कि अब इस बात की आवश्यकता है कि अदालत को इस मामले पर मानवीय दृष्टिकोण से अपनी राय देना चाहिए.’’

भैयाजी ने कहा, ‘संघ शुरू से ही लिंग भेदभाव के खिलाफ रहा है. आज के समय में किसी भी प्रकार का लिंग आधारित भेदभाव ठीक नहीं है. हम अपेक्षा करते हैं कि महिलाओं को न्याय मिले.’

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