दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद बुखारी ने कहा कि तीन तलाक के मसले पर सियायत बंद होनी चाहिए. यह मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का मसला है, उसे ही देखने दें. राजनीतिक दलों को नहीं बोलना चाहिए.

उन्होंने कहा कि इसमें हुकूमत की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जा सकती. इस मामले को उलेमा तय करेंगे. इसके लिए पर्सनल लॉ बोर्ड काम कर रहा है. टीवी पर इसको लेकर बहस बंद होनी चाहिए.

बुखारी ने कहा, तलाक़ पर जिस तरह से बहस चल रही है और रोज़ाना नेता इस बयानबाज़ी कर रहे हैं. सरकार की तरफ़ से भी बयान आ रहे हैं. हालांकि हुकूमत को इस मसले पर बोलने से परहेज़ करना चाहिए. उन्होंने कहा, क़ुरआन और हदीस में तलाक़ तो है, लेकिन इसका जो तरीक़ा वर्तमान में अपनाया जा रहा है, वो ग़लत है.

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उन्होंने कहा, व्हाट्सअप और फ़ोन पर फ़ौरन तलाक़ बोल देना महिलाओं के साथ नाइंसाफ़ी है. एक-एक तलाक़ के बीच कम से कम महीने भर का समय हो, जिससे कि आपसी समझौते की कोई गुंजाईश बनी रहे. इसके लिए मुसलमानों को जागरूक करने की ज़रूरत है. लेकिन इसको लेकर हुकूमत और नेताओं की बयानबाजी ग़लत है.

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